DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मंत्रिमंडल फेरबदल के बाद फिर बदलेगी ब्यूरोक्रेसी

मंत्रिमंडल फेरबदल के बाद फिर बदलेगी ब्यूरोक्रेसी

केंद्रीय मंत्रिमंडल में रविवार को हो रहे बदलाव के बाद एक बार फिर नौकरशाही का चेहरा बदलेगा। केंद्र सरकार में शीर्ष स्तर पर बदलाव का खाका तैयार हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सहमति से बाबूशाही में दो बार बड़े बदलाव किए जा चुके हैं।

लेकिन इस बदलाव को पर्याप्त नहीं माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि नई सरकार की प्राथमिकताओं और पीएम की मंशा के अनुरूप गवर्नेस को आगे बढ़ने के लिए अभी कई और अधिकारी नई जगहों पर भेजे जाएंगे।

सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री की नजर अधिकारियों के परफार्मेस पर है। वे चाहते हैं कि विशेषज्ञता के आधार पर अधिकारियों को प्रशासनिक जिम्मेदारी दी जाए। इसी मंशा से कई अधिकारियों को उनके मूल कॉडर में भेजा जा चुका है।  सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्रालय में आर्थिक सुधार के क्षेत्र में अधिकारियों के कामकाज का आकलन करके नए अधिकारियों को लाया गया। प्रधानमंत्री यही मॉडल अन्य विभागों की नियुक्तियों में भी चाहते हैं।

सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री की सोच है कि अगर कोई पोस्टल सर्विस से चुनकर आया है तो उसकी विशेषज्ञता का लाभ पोस्टल विभाग में मिले यह देखना चाहिए। इसी तरह से अन्य सेवाओं के साथ भी होना चाहिए। अमूमन लोग प्रतिनियुक्ति पर अलग अलग विभागों में कई साल तक जमे रहना चाहते हैं,सरकार चाहती है कि यह प्रवृत्ति बदली जाए।

पुरानी सरकार की नियुक्तियों पर नजर
केंद्र सरकार की ऐसे अधिकारियों पर भी नजर है जो सरकार बदलने के बाद भी कांग्रेस नेतृत्व के संपर्क में हैं। पीएमओ को ऐसे अधिकारियों के बारे में फीडबैक लगातार मिल रहा है। वित्तमंत्रालय से अरविंद मायाराम को हटाए जाने के पीछे बड़ी वजह उनकी यूपीए सरकार से नजदीकी ही थी। उन्हें पहले पर्यटन मंत्रालय में भेजा गया था वहां से उन्हें अल्पसंख्यक मंत्रालय भेज दिया गया था।

हालांकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि केवल इस वजह से किसी अधिकारी को नहीं हटाया जाएगा कि उनकी अहम जगहों पर तैनाती यूपीए सरकार में हुई थी। बल्कि परफार्मेंस और नई सरकार की जरूरत दायित्व में बदलाव की ठोस वजह होगी।  रक्षा मंत्रालय, कृषि मंत्रालय, सूचना व प्रसारण मंत्रालय,संसदीय कार्यमंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय में अधिकारियों के दायित्व बदले जाने के संकेत मिले हैं।

मोदी मॉडल पर होगा काम
पीएमओ प्रधानमंत्री द्वारा तय लक्ष्य की दिशा में मंत्रालयों के कामकाज पर नजर रख रहा है। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को जो सलाह दी है उसका अनुपालन करने वाले या नहीं करने वाले अधिकारियों का भी फीडबैक प्रधानमंत्री को दिया जाएगा। गौरतलब है कि पीएम ने अधिकारियों से कहा है कि वे कुछ दिन के लिए अपनी पहली नियुक्ति वाले स्थान पर जाएं। अगली मुलाकात में पीएम इस संबंध में भी जानकारी लेंगे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:मंत्रिमंडल फेरबदल के बाद फिर बदलेगी ब्यूरोक्रेसी