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सेना ने बड़गाम फायरिंग की घटना की जिम्मेदारी ली

सेना ने बड़गाम फायरिंग की घटना की जिम्मेदारी ली

जम्मू-कश्मीर के बड़गाम जिले में हुई फायरिंग में दो किशोरों की मौत के मुद्दे पर कड़ी आलोचना का सामना कर रही भारतीय थलसेना ने शुक्रवार को माना कि यह वारदात उसके कर्मियों की गलती थी। थलसेना ने वादा किया कि वह इस मामले की जांच अगले 10 दिनों के भीतर पूरा कर लेगी।

रक्षा मंत्रालय ने फायरिंग की इस घटना में मारे गए 14 साल के फैजल और मेहराज-उद-दीन के परिजन को 10-10 लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया। इस घटना में घायल हुए जाहिद अयूब और शकीर अहमद को भी मुआवजे के तौर पर पांच-पांच लाख रुपए देने की घोषणा केंद्र सरकार ने की । जिस वाहन पर सेना के जवानों ने गोलियां चलाई थी उसमें वसीम अमीन नाम का एक पांचवां शख्स भी सवार था जिसे कोई नुकसान नहीं हुआ ।

सोमवार को हुई इस घटना के बाद घाटी में विरोध-प्रदर्शनों का दौर शुरू होने के बाद थलसेना ने कहा है कि वह इस घटना की जिम्मेदारी लेती है।

थलसेना के उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल डी एस हुडडा ने यहां संवाददाताओं से कहा कि मैं यह स्पष्ट कर दूं कि :बड़गाम के छत्तरगाम में: जो कुछ हुआ, हम उसकी जिम्मेदारी लेते हैं ।

इस वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जमीनी स्तर पर काम करते वक्त गलतियां होती हैं, और हर बार सबक मिलते हैं । हमारी इच्छा है कि प्रक्रियाएं तय हो ताकि ऐसी घटनाएं न हो । उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने पर हमारा पूरा ध्यान रहेगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों ।

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