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तारा सहदेव मामले में चलेगा सिर्फ दहेज प्रताड़ना का केस

राष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज तारा शाहदेव मामले में मुख्य आरोपी पति रंजीत सिंह कोहली और उसकी मां कौशल रानी के खिलाफ अदालत में सिर्फ दहेज प्रताड़ना का केस चलेगा। सीजेएम(मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी) नीरज कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने सिर्फ दहेज प्रताड़ना मामले में संज्ञान लिया है। 17 नवंबर को चाजर्फ्रेम (आरोप तय) करने की तारीख तय की गई है।

सिर्फ दहेज प्रताड़ना का केस चलेगा
रंजीत सिंह कोहली और उसकी मां कौशल रानी के खिलाफ तारा शाहदेव को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने( धारा 153ए),जबरन धर्म परिवर्तन कराने(295ए) और दहेज प्रताड़ना(498ए/34) का मामला दर्ज कराया गया था। लेकिन,सीजेएम ने सामूहिक दहेज प्रताड़ना पर संज्ञान लिया।

चाजर्शीट में धर्म परिवर्तन का कोई मामला नहीं पाया गया
रंजीत सिंह कोहली के अधिवक्ता अविनाश पांडेय ने बताया कि आइओ हरिश्चंद्र सिंह की ओर से अदालत को सौंपी गई चाजर्शीट में तारा शाहदेव को धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने या जबरन धर्म परिवर्तन कराने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। अनुसंधान के क्रम में जो भी दस्तावेज पुलिस को हाथ लगे हैं उसमें रंजीत सिंह कोहली ही उसके नाम पाये गए हैं। इस आलोक में अदालत ने दहेज प्रताड़ना मामले में संज्ञान लिया है।

चाजर्शीट हो चुकी है दाखिल
आईओ ने सीजेएम की अदालत में 57वें दिन यानी 24 अक्तूबर को ही चाजर्शीट सौंप दी थी। 60 दिन में आईओ को चाजर्शीट सौंपनी थी। लेकिन, तत्परता दिखाते हुए तीन दिन पहले ही इसे सौंप दी गई।

27 अगस्त को दिल्ली से हुई थी गिरफ्तारी
तारा शाहदेव ने शादी के बाद धर्म परिवर्तन को लेकर प्रताड़ित करने के खिलाफ हिन्दपीढ़ी थाना में 19 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। 27 अगस्त को दिल्ली से गिरफ्तारी के बाद 28 अगस्त को रांची सीजेएम कोर्ट में पेशी हुई। इसके साथ ही पति रंजीत सिंह कोहली और उसकी मां कौशल रानी जेल में हैं।

कब किसकी जमानत खारिज
16 अक्तूबर को सीजेएम की अदालत ने रंजीत सिंह कोहली की जमानत खारिज कर दी। 11 अक्तूबर को न्यायायुक्त एके राय की अदालत ने कौशल रानी की जमानत खारिज कर दी थी। इससे पहले सीजेएम की अदालत से कौशल रानी की जमानत खारिज हो चुकी है।

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