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नालंदा विश्वविद्यालय के लिए भारत-भूटान ने सहमतिपत्र पर किया हस्ताक्षर

बिहार में नालंदा विश्वविद्यालय को उत्कृष्टता के वैश्विक केन्द्र के रूप में विकसित करने के महान लक्ष्य पर सहयोग को लेकर भारत और भूटान राजी हो गए हैं। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक की वार्ता के बाद शुक्रवार को दोनों पक्षों ने थिम्पू में इस संबंध में सहमतिपत्र पर हस्ताक्षर किया।

विदेश सचिव सुजाता सिंह और उनके भूटानी समकक्ष येशे दोरजी ने इस सहमतिपत्र पर हस्ताक्षर किया। उसके अनुसार, नालंदा विश्वविद्यालय बिहार के राजगीर में बनेगा और उसे डिग्री, डिप्लोमा तथा सर्टिफिकेट प्रदान करने का अधिकार होगा। सहमतिपत्र के अनुसार, नालंदा विश्वविद्यालय के लक्ष्यों और कार्यों में एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय शिक्षण केन्द्र की स्थापना करना है जो लिंग, जाति, नस्ल, विकलांगता, धर्म और सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से परे सभी देशों से विलक्ष्ण और सबसे ज्यादा समर्पित छात्रों को एक साथ ला सके। उसके अनुसार, भारत विश्वविद्यालय में पढ़ने या काम करने आ रहे छात्रों, संकाय और कर्मचारियों को समुचित वीजा देगा। विश्वविद्यालय की स्थापना और उसे चलाने के लिए धन की व्यवस्था स्वैच्छिक दान पर आधारित होगी।

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  • Web Title:नालंदा विश्वविद्यालय के लिए भारत-भूटान ने सहमतिपत्र पर किया हस्ताक्षर