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मुद्रास्फीति में और कमी आनी चाहिए: आरबीआई

मुद्रास्फीति में और कमी आनी चाहिए: आरबीआई

रिजर्व बैंक ने आंकड़ों में महंगाई के कम होने से ब्याज दरों में कमी की उम्मीद लगाये लोगों को झटका देते हुये शुक्रवार को कहा कि मुद्रास्फीति में अभी और नरमी आनी चाहिए क्‍योंकि लागत अभी भी ऊंची है तथा खाद्य महंगाई मौसमी कारको से कम हुई है।

रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर एच आर खान ने कहा कि मुद्रास्फीति में अभी और कमी आनी है। उन्होंने कहा कि हालांकि बाजार में तेजी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत के लिए वरदान साबित हुआ है। पिछले दो महीने में व्रेट क्रूड की कीमतों मे 20 डॉलर की कमी आ चुकी है। कच्चे तेल में नरमी के साथ ही विनिमय दर में स्थिरता घरेलू महंगाई को कम करने में मददगार हुई है। इससे देश का चालू खाता घाटा में भी सुधार हुआ है।

खाद्य के साथ ही ईंधन महंगाई में कमी आने से इस वर्ष सितंबर में उपभोक्‍ता मूल्य सूचकांक पर आधारित खुदरा महंगाई 6.46 प्रतिशत पर आ गई है। रिजर्व बैंक ने जनवरी 2015 तक इसे आठ प्रतिशत और जनवरी 2016 तक छह प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। रिजर्व बैंक दो दिसंबर को द्विमासिक ऋण एवं मौद्रिक नीति जारी करने वाला है। हाल में खुदरा महंगाई में आई कमी के साथ ही कच्चे तेल में नरमी से ब्याज दरो में कमी की उम्मीद बनी है। 

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