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एग्री बिजनेस सेंटर का निर्माण होगा

एशियन डेवलपमेन्ट बैंक राज्य में साढ़े चार सौ करोड़ की लागत से कृषि व्यावसायिक केन्द्रों (एग्री बिजनेस सेन्टर्स)का निर्माण करगा। सरकार की सहमति इस प्रस्ताव पर मिल गई है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन ने इसे अपनी कार्य योजना में शामिल भी कर लिया है। पूरी लागत के 25 प्रतिशत की दर से उक्त योजना के अनुदान पर लगभग 110 करोड़ रुपये का खर्च मिशन ने अपनी कार्य योजना में दर्शाया है। इसी के साथ राज्य में फल-सब्जियों के खेतों में नष्ट होने का भय तो समाप्त हो ही जाएगा, इनके निर्यात की संभावना भी बढ़ जाएगी।बिचौलिये भी किसानों को ठग नहीं सकेंगे और उनका जुड़ाव सीधे व्यावसायिक केन्द्रों से होगा।ड्ढr ड्ढr राष्ट्रीय बागवानी मिशन के राज्य निदेशक सनद कुमार जयपुरियार ने बताया कि प्रस्ताव के अनुसार एशियन डेवलपमेंट बैंक राज्य में फार्म लेबल व्यावसायिक संरचना तैयार करगा। इसके तहत लगभग सात हाार कलेक्शन केन्द्र खोले जायेंगे। किसान अपने खेतों से उत्पाद को सीधे वहां ले जायेंगे। इससे बिचौलिये उनके पास नहीं फटकेंगे और उन्हें उत्पादों का सही दाम भी मिलेगा। राज्य में चार स्थानों पर पेरिशेबल कार्गो भी बनेगा जहां किसानों के उत्पाद कलेक्शन सेंटर से लाकर जमा किये जायेंगे। इस दौरान उत्पादों की ढ़ुलाई रफ्रीजरटर युक्त वैन से होगी ताकि फसल के बर्बाद होने की संभावना नहीं रहे। कृषि व्यावसायिक केन्द्र में फसलों की तुड़ाई के बाद प्रबंधन की व्यवस्था भी होगी। डेयरी और कृषि से जुड़े अन्य उत्पादों का भी व्यवसाय वहां से होगा। इसके लिए राज्य भर में 200 दुग्ध शीतक केन्द्र भी बनाये जायेंगे। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आवश्यकतानुसार केन्द्र में उत्पादों के प्रोसेसिंग प्लांट भी लगाये जा सकेंगे।ड्ढr इससे उनके निर्यात की संभावना बढ़ जायेगी। वर्तमान में किसानों के उत्पाद का बहुत बड़ा भाग खेतों में ही बर्बाद होता है।

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