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व्यायाम या सैर नियमित रूप से करें

बरतें सावधानी
अपनी गतिशीलता एकदम बंद न करें, उसे बनाये रखें। व्यायाम करें और व्यायाम नहीं कर पा रहे हैं, तो कम से कम सैर जरूर करें। बुजुर्ग सूरज निकलने के बाद सैर पर जाएं तो बेहतर है। यदि सैर के लिए सुबह नहीं जा पाते तो सूरज ढलने से पहले कुछ देर सैर करें। पर ध्यान रहे, सैर करने से कम-से-कम दो घंटे पहले पेट खाली हो। ऐसा नहीं होने पर हृदय पर दुष्प्रभाव पड़ेगा। बुजुर्गों को बहुत ज्यादा व्यायाम नहीं करना चाहिए, बल्कि वह हल्के-फुल्के व्यायाम करें।

इस मौसम में हम प्राय: पानी कम पीते हैं, जबकि हमें पानी खूब पीना चाहिए। हल्का गुनगुना पानी पीना सभी के लिए फायदेमंद होता है। इससे शरीर में गरमाई पहुंचती है और रक्त वाहिकाओं में थक्के जमने की आशंका कम रहती है।

कैसा हो खान-पान
एक स्वस्थ आहार, जिसमें उच्च फाइबर, भरपूर प्रोटीन हो और कार्बोहाइड्रेट व सेचुरेटेड फैट कम हो, डायबिटीज को दूर रखने का बेहतरीन उपाय है। डायबिटीज होने के बाद आहार पर विशेष ध्यान देना अति आवश्यक हो जाता है। सर्दी के मौसम में नट्स व ड्राई फ्रूट्स से भरी डाइट तो होती ही है, इनमें मौसमी फलों को शामिल करें, लेकिन केले से परहेज करें। ड्राई फ्रूट्स में काजू कम ही खाएं, मूंगफली तथा बादाम का सेवन करें। अपने लिए जरूरी कैलोरीज को अपनी भूख और खान-पान के अनुसार बांट लें। इससे आपके शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिल सकेंगे और आपके शरीर या हृदय पर दुष्प्रभाव भी नहीं पड़ेगा।

डायबिटीज के लक्षण
जल्दी-जल्दी पेशाब आना
अत्यधिक प्यास लगना
भूख बढ़ जाना
वजन में कमी आना
थकान महसूस होना
बार-बार यौन संक्रमण
हाथ या पैर में झुनझुनी, सनसनी महसूस होना
दृष्टि धुंधली होना।

कुछ जरूरी बातें
जरूरी डॉक्टरी उपचार से डायबिटीज को नियंत्रित रखा जा सकता है और इससे होने वाली अन्य परेशानियों से बचा जा सकता है।
रक्त ग्लूकोज में मामूली बढ़ोतरी भी भले ही कुछ जाहिर न करे, पर वह अंदरूनी तौर पर क्षति पहुंचा सकती है।
रक्त शर्करा का उच्च स्तर हृदय, गुर्दे, आंखों, नसों, रक्त वाहिकाओं, पैर जैसे शरीर के प्रमुख अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है।
उच्च कोलेस्ट्रॉल और रक्तचाप के स्तर को नियंत्रित रखकर भी डायबिटीज की जटिलताओं से बचे रहने में मदद मिलती है।
डायबिटीज की जटिलताओं के लिए समय-समय पर आवश्यक स्क्रीनिंग करवाने में जरा भी लापरवाही न बरतें।

सर्दियों में बरतें ये सावधानियां
ठंड और फ्लू से बचें। इसके लिए इन्फ्लूएंजा और निमोनिया के टीके भी लगवा सकते हैं।
अपने पैरों पर नजर रखें। डायबिटीज से ग्रस्त होने पर आपको पैर की उंगलियों और पैरों में भी एहसास खत्म हो सकता है। सर्दियों में मौसम के अनुरूप जूते पहनें।

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