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सारांश के जरिए अपनी समीक्षा कर सकेंगे स्कूल

सीबीएसई ने स्कूलों को अपनी स्वत: समीक्षा के लिए सारांश नामक प्रणाली का विकास किया है। इसके जरिए स्कूल अन्य संस्थानों से अपनी तुलना कर सुधार का प्रयास कर सकेंगे। सीबीएसई के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सारांश की मदद से स्कूल छात्रों, शिक्षकों व विषयों से जुड़ी प्रणाली को बेहतर कर सकेंगे।

सारांश के तहत नौवीं एवं दसवीं कक्षा के लिए सतत समग्र मूल्यांकन (सीसीई) और नौंवी, दसवीं एवं बारहवीं कक्षा के लिए पीएसए (प्राब्लम साल्विंग एसेसमेंट) उपलब्ध हैं। यह वर्ष 2007 से 10वीं कक्षा और 2009 से चालू शैक्षणिक सत्र तक 12वीं कक्षा की सम्पूर्ण तस्वीर पेश करता है। इसके माध्यम से स्कूलों को अपने प्रदर्शन का विश्लेषण करने में मदद मिलती है और यह स्कूल के प्रत्येक छात्र के स्तर पर उपलब्ध होती है। प्रदर्शन के आंकड़े चार्ट, ग्राफ से प्रस्तुत किए जाएंगे।

सीबीएसई की सारांश प्रणाली से किसी भी स्कूल को विभिन्न स्तरों जैसे राष्ट्रीय स्तर, क्षेत्रीय, राज्य स्तर के साथ सरकारी, निजी, नवोदय विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय पर बोर्ड से संबद्ध विभिन्न स्कूलों के साथ तुलना करने में मदद मिलेगी। सारांश के तहत प्रारंभ में स्कूलों के प्रमुखों को आईडी और पासवर्ड दिया जाएगा जिसके जरिये वे देश या क्षेत्र के अन्य स्कूलों की तुलना में अपने प्रदर्शन का मूल्यांकन कर सकेंगे।

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