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सांसद चूके तो जिलाधिकारी करेंगे आदर्श ग्राम का चयन

पीएम नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी ‘सांसद आदर्श ग्राम योजना’ के तहत गांव चुनने की अंतिम तारीख 11 नवंबर में सिर्फ चार दिन बचे हैं। मगर अभी तक कई सांसदों ने आदर्श गांव का चयन नहीं किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय से संकेत मिले हैं कि अगर सांसद अंतिम तारीख तक गांव का चयन करने में चूकते हैं तो जिलाधिकारी  आदर्श गांव चुनेंगे।

योजना की प्रगति से सरकार खुश नहीं : केंद्र सरकार योजना की शुरुआती प्रगति से बहुत खुश नहीं है। भले ग्रामीण विकास मंत्रालय इस योजना का नोडल मंत्रालय है लेकिन इसकी निगरानी सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय कर रहा है। राज्यों में संबंधित अधिकारियों से कहा गया है कि वे 11 नवंबर तक उन सांसदों की सूची दें जिन्होंने गांव चुन लिया है। इसके बाद उदासीनता दिखाने वाले सांसदों को रिमाइंडर भेजा जा सकता है। अगर फिर भी जवाब न मिले तो डीएम अपने जिलों में संसदीय सीट के तहत आने वाले किसी गांव का चुनाव कर सकते हैं।

सांसदों की इच्छा सवरेपरि: केंद्र सरकार ने साफ किया है कि यह योजना सांसदों के लिए बनी है। इसलिए सांसदों की इच्छा सवरेपरि होगी। ग्रामीण विकास मंत्री नितिन गडकरी ने सभी सांसदों को पत्र लिखकर कहा था कि वे 11 नवंबर तक गांव चयन करके इसकी जानकारी दें। मगर लोकसभा और राज्यसभा को मिलाकर करीब आठ सौ सांसदों में से बड़ी संख्या में सांसदों ने अभी तक गांव नहीं चुने हैं।

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