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अलीगढ़ का मास्टर माइंड चलाता है पूरा रैकेट

मथुरा, एटा या आगरा ही नहीं, बल्कि समूचे वेस्ट यूपी में हथियार तस्करी के तार अलीगढ़ से जुड़े होने की आशंका है। जिले के टप्पल इलाके का मास्टर माइंड तस्करी का पूरा रैकेट चलाता है। बीते दिनों बिहार एटीएस की पड़ताल में मामला पकड़ में आया तो कई दिनों तक टीम ने जिले में डेरा डाला था। हालांकि मास्टर माइंड पकड़ में तो नहीं आया, लेकिन वह फिलहाल एटीएस के रडार पर जरूर आ गया है।
बुधवार को मथुरा रेलवे स्टेशन पर एटीएस और जीआरपी ने संयुक्त रूप से अखिल कुमार निवासी कस्बा गोंडा (अलीगढ़) और शिशुपाल निवासी कस्बा सासनी (हाथरस) को गिरफ्तार किया था। इनके पास से पांच पिस्टल बरामद की गई थीं। सूत्रों के मुताबिक एटीएस की पड़ताल खासे चौंकाने वाले तथ्यों की ओर मुड़ती जा रही है। पता चला है कि पकड़े गए लोग महज कैरियर एजेंट हैं, असल हथियार तस्कर तो अलीगढ़ जिले के टप्पल थाना क्षेत्र का निवासी है। बीते दिनों बिहार की एटीएस ने चार पिस्टल बरामद कर कैरियर एजेंट को पकड़ा था । गहराई से छानबीन की गई तो तस्करी के तार अलीगढ़ तक आ पहुंचे। दरअसल पिस्टल खरीद की रकम बाकायदा जिले में स्थित एक बैंक के खाते में डाली गई थी। इसके चलते बिहार एटीएस की टीम ने गोपनीय तरीके से जिले में कई दिनों तक टप्पल और शहर में डेरा डाला था, जिस खाते में पिस्टल खरीद का धन ट्रांसफर हुआ वह भी ट्रेस कर लिया गया। जिस व्यक्ति के नाम से खाता है उस पर एटीएस ने नजर गढ़ा दी है।
0-तैनात कर रखे हैं कैरियर एजेंट
मास्टर माइंड ने करीब दस साल पहले तो खुद ही बिहार और मध्य प्रदेश से हथियार लाकर सप्लाई किए। लेकिन बाद में समाज में कथित व्हाइट कालर बन गया और वेस्ट यूपी के हर जिले में कैरियर एजेंट तैनात कर दिए। कैरियर के रूप में अधिकांश छुटभैये अपराधियों को तवज्जो दी जाती है। यही एजेंट बिहार और मध्य प्रदेश से हथियार लाते हैं और सप्लाई करते हैं। मास्टर माइंड का काम तो महज हथियारों के आर्डर लेना और कहां पहुंचना है इसके निर्देश देना भर है।
0-नहीं लेता कोई नाम
हथियार सप्लाई करने वाले जब पकड़े जाते हैं तो जांच टीम के सामने कई दिक्कतें होती हैं। कैरियर किसी भी सूरत में मास्टर माइंड का न तो नाम बताते हैं और न पता। वह पूरा का पूरा जुर्म अपने ऊपर ले लेते हैं। इस तरह कानूनी पेचदिगियों के चलते मास्टर माइंड बच जाता है।
0-पकड़े जा चुके हैं कई जिलों में हथियार
एटीएस के मुताबिक तस्करी के हथियार अकेले मथुरा में नहीं बल्कि इससे पहले हाथरस, एटा, फिरोजाबाद, आगरा, बरेली, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली आदि जिलों में पकड़े जा चुके हैं।

0-बना ली आलीशान कोठी
हथियार तस्कर टप्पल इलाके के गांव में दो कमरे के मकान में रहता था। लेकिन अब शहर की पाश कालोनी में आलीशान कोठी बना ली है। तस्करी करते-करते उच्च शिक्षा भी हासिल कर ली है, इसलिए उस पर आसानी से कोई संदेह भी नहीं कर पाता।  

0-कई सफेदपोशों से हैं संबंध
पता चला है कि मास्टर माइंड के कई सफेदपोशों से नजदीकी संबंध है। संभावना है कि वह चुनाव आदि के समय उन्हें तस्करी के हथियार भी सप्लाई करता हो। जरूरत पड़ने पर सफेदपोश उसकी मदद करते हैं।

‘‘बिहार में पकड़े गए हथियारों की खरीद का धन अलीगढ़ की एक बैंक के खाते में आया था। हथियार तस्कर की तलाश में बिहार की एटीएस भी यहां आई थी। अब तक वेस्ट यूपी के कई जिलों में हथियार सप्लाई करने वाले कैरियर पकड़े जा चुका हैं।-सुनील त्यागी, प्रभारी एटीएस, अलीगढ़ यूनिट। ’

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