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जानकारी नहीं रहने के कारण दामाद को अपना पीए बनाया : मांझी

मुख्यमंत्री जीतनराम मांङी द्वारा अपने दामाद को पीए बनाने को लेकर राजनीतिक जंग छिड़ गई है। श्री मांझी ने गुरुवार को सफाई दी कि उन्हें नियम की जानकारी नहीं थी कि अपने परिवार के किसी सदस्य को निजी सचिव नहीं बनाया जा सकता है। विपक्ष ने भी इस मामले में मुख्यमंत्री पर हमला बोला। भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुशील कुमार मोदी ने गुरुवार को यहां भाजपा दफ्तर में पत्रकारों से कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा दामाद को पीए बनाना अनैतिक है। वह नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें।

देवेन्द्र के मामले में लग रहा है जैसे वह बिहार सरकार के दामाद हों। आरोप लगाया कि नियम के खिलाफ जानबूझकर मांङी के भांजा सत्येन्द्र कुमार की नियुक्ति भी मुख्यमंत्री के आदेशपाल के रूप में की गई है। एक कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री से अपने भांजे को भी स्टाफ से हटाने के बारे में पूछे जाने पर कहा कि भांजे को हटाने का कोई सवाल पैदा नहीं होता। नियम में यह है कि अपने परिवार के लोगों को नहीं रख सकते। भांजा तो दूसरे परिवार का होता है। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने सुशील मोदी द्वारा मुख्यमंत्री जीतनराम मांङी से दामाद को पीए रखने के मुद्दे पर इस्तीफा मांगने पर पलटवार करते हुए कहा है कि मोदीजी तो आजकल रिसर्च का काम कर रहे हैं। रिश्तेदारों को पीए रखने के सैकड़ों मामले हैं। श्री मोदी को यह बताना चाहिए कि भाजपा के कितने नेताओं ने अपने रिश्तेदार को पीए रखा है।

‘नियम के बारे में कैबिनेट महकमे को मुङो जानकारी देनी चाहिए थी। निजी सचिव हम स्वयं नहीं नियुक्त करते बल्कि नियुक्ति कैबिनेट के माध्यम से होती है। कैबिनेट से अगर हमें इस नियम की जानकारी मिल जाती तो यह नहीं होता। जिन लोगों द्वारा मुझपर आरोप लगाया जा रहा है उनको अपने बारे में भी सोचना चाहिए।’
- जीतनराम मांङी, मुख्यमंत्री, बिहार सरकार

‘राज्य सरकार के मुख्य सचिव और मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखकर इस मामले की पूरी जांच कराने और श्री मांङी के खिलाफ धोखाधड़ी और 420 का केस दर्ज करने को कहेंगे। सरकार इस बाबत मुख्यमंत्री द्वारा किए गए डिक्लेरेशन को भी सार्वजनिक करे।’  
- सुशील कुमार मोदी, नेता, भाजपा विधानमंडल दल

‘भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी जदयू के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। मोदी चाहते हैं कि जदयू में मनमुटाव हो जाए। मुख्यमंत्री जीतनराम मांङी को जब यह महसूस हुआ तो उन्होंने दामाद से इस्तीफा करा दिया। लोकजीवन में यदि कोई गलती स्वीकार कर ले तो उसकी तारीफ होनी चाहिए।’
- बशिष्ठ नारायण सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, जदयू 

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