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निगम बोर्ड की बैठक में घमासान

विकास और पेयजल के मुद्दे पर पार्षदों ने नगर निगम बोर्ड की बैठक में जमकर हंगामा किया। लंच से कुछ देर पहले सदन रण क्षेत्र में बदल गया। मामला इतना गर्म हुआ कि सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों और अन्य पार्षदों के बीच तू-तू-मैं-मैं शुरू हो गई। हालत बेकाबू होता देख कर मेयर संजय कुमार ने दंडाधिकारी और पुलिस बल के द्वारा दर्शक दीर्घा खाली करा दिया। बाद में बड़ी मुश्किल से डिप्टी मेयर संतोष मेहता ने पार्षदों को शांत कराया।ड्ढr ड्ढr बुधवार को श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में बैठक शुरू होते ही पार्षदों ने अब तक एक भी विकास कार्य जमीन पर नहीं उतरने का कारण मेयर से पूछा। पार्षद विनय कुमार पप्पू, कृष्ण मुरारी यादव, डा. गोपाल प्रसाद, संजय कुमार सिंह, कुमार संजीत, सुनील कुमार, विनोद कुमार, मुकेश कुमार, आभा लता व मुमताज जहां समेत पार्षदों ने कहा कि जबतक मेयर यह नहीं बतायेंगे के पिछले 11 महीने के दौरान निगम व जनहित में स्थायी समिति ने कितने निर्णय लिए गये और क्या कार्य हुआ तब तक पिछली बैठक की कार्यवाही संपुष्ट नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि पूरे निगम क्षेत्र में पानी के लिए हाहाकार मचा है पर मेयर को इसकी चिंता नहीं है। पार्षदों ने मेयर पर सूचना छुपाने का आरोप लगाया। पार्षदों ने बोर्ड की बैठक के औचित्य पर ही सवाल खड़ा कर दिया। पार्षद मनोज कुमार यादव ने कहा कि साधनापुरी में 12 फीट चौड़ी सड़क पर अपार्टमेंट का नक्शा स्वीकृत कर दिया गया है। इसकी सूचना देने के बावजूब अब तक कार्रवाई नहीं हुई। सभी सवाल पर मेयर निरुत्तर हो गये। स्थिति को भांप कर स्थायी समिति के सदस्यों ने मोर्चा संभाला। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब समिति के सदस्य पार्षद दीपक चौरसिया ने कहा कि चार पार्षदों की राय सदन की राय नहीं हो सकती है।

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