DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल, बिगड़े हालात

पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के पहले ही दिन राज्य के सबसे बड़े अस्पताल की हालात बिगड़ गई। ओपीडी, इनडोर से लेकर इमरजेंसी में भी हड़ताल का असर दिखा। जूनियर डॉक्टर अपने साथी डॉ. कुमार कृष्ण विजय के 19 अक्टूबर से लापता होने के मामले में पुलिस-प्रशासन की सुस्ती का विरोध कर रहे हैं। जूनियर डॉक्टर गुरुवार सुबह सात बजे की शिफ्ट से ही हड़ताल पर चले गए। हड़ताल से निपटने के लिए अस्पताल प्रबंधन की तैयारियों की हवा निकल गई। इंदिरा गांधी आकस्मिक सेंटर में सीनियर डॉक्टर की मदद के लिए इंटर्न का सहयोग लिया गया, लेकिन व्यवस्था संभालने में अस्पताल प्रबंधन बेबस दिखा। मरीजों को समय से देखने व इलाज करने में भी देरी हुई। कुछ ऐसे भी मरीज दिखे जो डॉक्टरों के ठीक ढंग से इलाज नहीं करने पर बाहर चले गए।

जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि लापता साथी को ढूंढने के मामले में पुलिस, प्रशासन व सरकार की भूमिका ठीक नहीं है। पीएमसीएच में सुरक्षा एक बड़ा मसला बन गया है। जेडीए के सचिव ने डॉ. गोपाल ने कहा कि प्रिंसिपल और आईजी की बात के बाद होने वाली एसएसपी के प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आगे की रणनीति तय होगी।

इमरजेंसी में आठ डॉक्टर ही थे
अस्पताल में लगभग 500 जूनियर डॉक्टरों के भरोसे इलाज का काम सीनियर डॉक्टरों की मौजूदगी में होता है। लेकिन अब इनके हड़ताल पर जाने से पूरी व्यवस्था चरमरा गई। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आम दिनों में सीनियर डॉक्टरों को छोड़कर चार इमरजेंसी के प्रत्येक शिफ्ट में 20 जूनियर डॉक्टर रहते हैं, लेकिन हड़ताल पर जाने से इमरजेंसी में सीनियर व इंटर्न को मिलाकर महज आठ डॉक्टर थे।
 
पीएमसीएच में मरीजों का बढ़ा दर्द, दलाल सक्रिय
पीएमसीएच में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के कारण अस्पताल में आने वाले और भर्ती मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। किसी मरीज को देखने सुबह से लेकर दोपहर तक डॉक्टर ही नहीं पहुंचे। कई मरीज ऐसे भी मिले जो अस्पताल की व्यवस्था से तंग आकर बाहर चले गए। अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्था भी मरीजों का दर्द कम नहीं कर पाई। यही नहीं, हड़ताल में मरीजों को फांसने का काम दलालों ने बखूबी किया। दानापुर से आए राजकुमार ने बताया कि उनसे सजर्री विभाग में डॉक्टर को दिखाने के लिए एक दलाल ने 200 रुपए ले लिए। ऐसी ही शिकायत फुलवारीशरीफ से आई फातिमा ने भी की। इनसे मेडिसीन विभाग में एक दलाल ने 100 रुपए ऐंठ लिए।

क्या रही मरीजों की पीड़ा
बुधवार की शाम इमरजेंसी में आई थी। वहां इंजेक्शन देकर रात में टाटा वार्ड भेज दिया गया। वहां रात भर जमीन पर रही। सुबह से लेकर दोपहर तक डॉक्टर आए ही नहीं। बाद में पूछने पर आउटडोर में भेज दिया गया। वहां जाने पर भी इलाज नहीं हुआ। अंत में मुङो बाहर जाना पड़ा। - प्रमिला देवी, पुनाईचक

सुबह में अपने पिताजी को लेकर आया हूं। लेकिन दोपहर के बारह बजे तक मेरे मरीज को डॉक्टर नहीं देख सके हैं। पूछने पर कहा जा रहा है कि हड़ताल के चलते देरी तो होना ही है। -कृष्णा कुमार गुप्ता

मेरे भाई को किसी ने छुरा मारकर फेंक दिया था। रात से ही इमरजेंसी में हैं। मुजफ्फरपुर से बेहतर इलाज के लिए आए थे। लेकिन यहां तो कोई देखने ताकने वाला भी नहीं। पहले ही कर्ज लेकर प्राइवेट अस्पताल में 70 हजार गंवा चुके हैं।
राकेश, परिजन
प्रिंसिपल ने आईजी से मिलकर की बात
पीएमसीएच के प्रिंसिपल डॉ. एसएन सिन्हा ने जूनियर डॉक्टर कुमार विजय कृष्ण के लापता होने के मामले में पटना जोन के आईजी कुंदन कृष्णन से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि बातचीत के दौरान ही आईजी ने डीआईजी उपेंद्र कुमार सिन्हा और एसएसपी जीतेंद्र राणा को मामले में तेजी लाने को कहा। साथ ही लापता डॉक्टर के मामले में अब तक पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई को प्रेस के माध्यम से सार्वजनिक करने की बात कही गई है।

मेरे साथी को लापता हुए 18 दिन हो चुके हैं। लेकिन पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। पुलिस जानबूझकर मामले में सुस्ती बरत रही है। इसके लिए दीपावली के समय सभी संबंधित अधिकारी से मिल चुके हैं, लेकिन कोई कुछ नहीं कर रहा। ऐसे में हमलोगों के लिए काम करना संभव नहीं है। -डॉ. राकेश कुमार, अध्यक्ष, जेडीए, पीएमसीएच

हड़ताल से निपटने के लिए मैंने पूरी व्यवस्था की है। सीनियर डॉक्टरों के सहयोग के लिए इंटर्न को भी लगाया गया है। जेडीए से बातचीत से मामले को सुलझाने की कोशिश करेंगे। लापता जूनियर डॉक्टर के मामले में आईजी से बात की है। उन्होंने डीआईजी व एसएसपी को निर्देश दिया है कि इस केस में तेजी लाएं। आईजी ने एसएसपी को अब तक केस के संबंध में हुई पुलिस कार्रवाई की प्रोग्रेस रिपोर्ट बताने की बात कही है। उन्होंने मामले में कई बिंदुओं पर तेजी से काम करने का आश्वासन दिया है।  -डॉ. एसएन सिन्हा, प्रिंसिपल, पीएमसीएच

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल, बिगड़े हालात