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विज्ञान से बन सकता सुनहरा भविष्य : मंत्री

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री शाहिद अली खान ने कहा है कि विज्ञान को लोकप्रिय बनाने के लिए मध्य विद्यालयों पर ध्यान केन्द्रित करना होगा। राज्य में मेधा की कमी नहीं है। आवश्यकता है कि इन्हें तराशने की। मेधावी बच्चों को उचित अवसर, संसाधन और शैक्षणिक माहौल पैदा करने से ही सामाजिक और आर्थिक विकास हासिल किया जा सकता है।ड्ढr श्री खान बुधवार को महावीर कैंसर संस्थान में +2 के विद्यार्थियों के लिए आयोजित साप्ताहिक विज्ञान प्रोत्साहन कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विज्ञान की पढ़ाई सिर्फ डॉक्टर और इंजीनियरिंग के लिए ही नहीं बल्कि शोध कर संसार में प्राकृतिक संतुलन बनाने में मदद किया जा सकता है। विज्ञान के बदौलत ही हमारा भविष्य सुनहरा बन सकता है।ड्ढr ड्ढr कार्यक्रम केन्द्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एनसीएसटीसी द्वारा प्रायोजित किया गया था। इसमें विद्यार्थियों को विज्ञान में अभिरुचि के लिए विभिन्न दृष्टिकोणों से जानकारी दी गयी। इस मौके पर कैबिनेट सचिव गिरीश शंकर ने बताया कि ज्ञान की कोई सीमा नहीं होती। अपने इंद्रियों को स्वतंत्र और सचेत रखने पर इर्द-गिर्द हो रहे परिवर्तनों से बहुत कुछ सीखने का मौका मिलता है। संस्थान के निदेशक डा.जितेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि गरीबी के कारण मेधावी छात्र आगे बढ़ने में सक्षम नहीं हो पाते। इनके लिए अवसर को सृजित करने की जरूरत है जिससे उनकी प्रतिभा निखर सके।ड्ढr समापन समारोह को पूर्व गृह सचिव जियालाल आर्य के अलावा डा.एस.एन.पी.सिन्हा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की प्रभारी डा.अखिलेश्वरी नाथ ने बच्चों को आगे बढ़ने के लिए सोच को सच में बदलने का सुझाव दिया। कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्र से आए 30 बच्चों ने भाग लिया।

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