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हैरतअंगेज आठ साल में 6,000 पोस्टमार्टम, नहीं ली एक भी छुट्टी

इंदौर के सरकारी अस्पताल का एक सजर्न पिछले आठ साल से बगैर किसी अवकाश के करीब 6,000 पोस्टमार्टम कर चुका है। यह आश्चर्यजनक कारनामा उन कर्मचारियों के लिए नजीर हो सकता है, जो कम छुट्टी मिलने की बात पर अक्सर मुंह फुलाए रहते हैं।

गोविंदवल्लभ पंत जिला अस्पताल के शव परीक्षण विभाग के प्रभारी डॉ़ भरत वाजपेयी ने गुरुवार को बताया कि यह विभाग छह नवंबर 2006 को शुरू किया गया था। तब से अब तक वह बिना किसी छुट्टी के करीब 6,000 पोस्टमार्टम कर चुके हैं।

वाजपेयी ने कहा कि मेडिकोलीगल मामलों की जांच में पोस्टमार्टम एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह ऐसा काम है, जिसे टाला नहीं जा सकता। हालांकि, यह काम पिछले आठ साल से उनके लिए जुनून बना हुआ है। उन्होंने बताया कि छुट्टी से परहेज करते हुए लगातार पोस्टमार्टम करने वाली उनकी टीम का कीर्तिमान वर्ष 2011 में लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्डस के पन्नों पर भी दर्ज हो चुका है।

वाजपेयी ने बताया कि जिला अस्पताल का शव परीक्षण गृह मध्यप्रदेश के सरकारी अस्पतालों की शायद सबसे छोटी फॉरेंसिक मेडिसिन इकाई है। इसे अक्तूबर 2011 में सूबे की पहली कंप्यूटरीकृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट देने का गौरव भी हासिल है।

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