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एचएसबीसी सूची के आधे खातों में धन नहीं:एसआईटी

एचएसबीसी सूची के आधे खातों में धन नहीं:एसआईटी

काले धन पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पाया है कि उसको दी गयी एचएसबीसी बैंक के खाताधारकों की सूची के लगभग आधे खातों में कोई धन नहीं है, जबकि सूची में सौ से अधिक नाम दोहराए गए हैं। इससे इनके खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई की संभावना में बाधा हो सकती है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आयकर विभाग अब इस सूची में शामिल 300 इकाइयों के खिलाफ अभियोजन पर विचार कर रहा है। उच्चतम न्यायालय को सरकार द्वारा हाल ही में सौंपी गई इस (एचएसबीसी जिनीवा) सूची में कुल मिलाकर 628 नाम हैं।

एसआईटी ने पाया है और रिपोर्ट दी है कि एचएसबीसी जिनीवा की सूची में लगभग 289 नामों के साथ कोई राशि नहीं है। जबकि सूची में 122 नाम दो बार आए हैं।

सूत्रों ने कहा है कि एसआईटी ने पाया है कि इन विशेष नामों के खिलाफ कार्रवाई करने में सबसे बड़ी बाधा यह है कि इन खातों के परिचालन का कोई ब्यौरा नहीं है। सूची में यह ज्रिक नहीं है कि ये खाते कब खोले गए तथा इनमें लेन देन का कोई विवरण भी नहीं है।

एसआईटी की रपट के अनुसार आयरक विभाग ने इस सूची में शामिल खाताधारकों के खिलाफ 150 तलाशी या सर्वे कार्रवाई की है, लेकिन उनके खिलाफ अभियोजन कार्रवाई के बारे में अभी फैसला नहीं किया गया है। एसआईटी के चेयरमैन उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश एमबी शाह तथा वायस चेयरमैन सेवानिवृत्त न्यायाधीश अरिजित पसायत हैं।

सूत्रों ने कहा कि यह सूची उच्चतम न्यायालय को सौंप दी गई है और इन मामलों में कार्रवाई का अंतिम समय इस वित्त वर्ष के आखिर तक समाप्त होने वाला है तो विभाग लगभग 300 मामलों में अभियोजन शुरू करने पर विचार कर रहा है।

एसआईटी चाहता है भारत विभिन्न देशों के साथ कर संबंधी सूचनाओं के आदान प्रदान की संधियों की समीक्षा करे ताकि कालाधन विदेशों में जमा कराने की समस्या से निपटा जा सके। इनमें कुछ देश कालेधन की पनाहगाह माने जाते हैं।

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  • Web Title:एचएसबीसी सूची के आधे खातों में धन नहीं