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कहां है, जल्दी आइये, आपको नोमिनेशन करना है

बुधवार की सुबह वास्तव में पूर्व सांसद ब्रजमोहन राम के लिए गुड मार्निंग लेकर आया। राजनीति में कहा जाता है कि कब किसकी लॉटरी लग जाये, कहा नहीं जा सकता। पूर्व सांसद ब्रजमोहन राम गहरी नींद में ही थे, तभी मोबाइल की घंटी से उनकी नींद टूटी।

फोन करनेवाले ने परिचय देने के साथ राम से पूछा कि पलामू में हैं या रांची में। उसके बाद जो कुछ हुआ उस पर विश्वास करने में राम को कुछ मिनट का समय लगा। फोन पार्टी के एक प्रमुख नेता का था। उन्होंने राम से कहा : जल्दी प्रदेश कार्यालय पहुंचइये। आपको लातेहार से उम्मीदवार बनाया गया है। पुराने प्रत्याशी का टिकट काट दिया गया है। जल्द आइये और सिंबल ले लीजिये। पहले तो राम को विश्वास ही नहीं हुआ। फिर वह दो-तीन लोगों को लेकर भागे-भागे प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे।

इंतजार कर रहा था भाजपा कार्यालय
ब्रजमोहन राम सुबह लगभग छह बजे भाजपा कार्यालय पहुंचे। वहां प्रदेश संगठन मंत्री राजेंद्र प्रसाद सिंह उनका इंतजार कर रहे थे। सिंह ने पूर्व सांसद को पार्टी के निर्णय से अवगत कराया। उसके बाद तैयारी शुरू हुई कि आखिरी नामांकन कैसे करना है। पार्टी को प्रत्याशी नारायण भोक्ता का भी डर था। हालांकि पार्टी ने पूरी एहतियात के साथ ब्रजमोहन राम के नामांकन की तैयारी पूरी कराई। सिंबल ले जाने की जिम्मेवारी प्रतुल शाहदेव को सौंपी गई। सिंबल लेकर वह अलग गाड़ी में लातेहार के निकले, जबकि ब्रजमोहन राम दूसरी गाड़ी से लातेहार के लिए निकले।

बैद्यनाथ राम भी पहुंचे सिंबल लेने
थोड़ी देर बाद सूचना आग की तरह फैल गई कि नारायण भोक्ता का पत्ता कट गया है। सूचना मिलते ही लातेहार के भाजपा विधायक बैद्यनाथ राम भी प्रदेश कार्यालय पहुंच गये। कहा गया कि उन्हें पार्टी के एक बड़े नेता ने हवा दी थी। बैद्यनाथ राम काफी देर तक प्रयास करते रहे कि पार्टी उन्हें सिंबल दे दे। जब पार्टी के स्तर पर उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिला तो वह भी लातेहार निकल गये। लातेहार में स्थिति यह थी कि एक तरफ ब्रजमोहन राम तो दूसरी तरफ बैद्यनाथ राम नामांकन फॉर्म भर रहे थे। सिंबल दोनों में किसी को नहीं मिला था। नामांकन का समय खत्म करने होने के आधा घंटा पहले पार्टी सिंबल ब्रजमोहन राम को दे दिया गया।

प्रदेश के नेताओं ने कराई फजीहत
मंगलवार की शाम तक भाजपा नेतृत्व के पास रिपोर्ट पहुंच चुकी थी कि लातेहार से प्रत्याशी बनाये गये नारायण भोक्ता टीपीसी के बड़े उग्रवादी रह चुके हैं। उन पर लदे मुकदमों की जानकारी पार्टी नेतृत्व से छिपाई गई थी। प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय दिल्ली में ही थे। फिर उन्हें भाजपा मुख्यालय बुलाया गया। उसके बाद प्रदेश के नेताओं की जमकर क्लास ली गई। रात एक बजे फरमान सुनाया गया कि उम्मीदवार बदलेगा। उसके बाद राय ने प्रदेश संगठन महामंत्री को जानकारी दी। संगठन महामंत्री ने रात में ही रघुवर दास को जगाया और बात की। फिर तय हुआ कि ब्रजमोहन राम को सिंबल दे दिया जाये। सुबह में रवींद्र राय ने रघुवर दास, अर्जुन मुंडा से बात की।

कुछ नेताओं पर गिर सकती है गाज
भाजपा नेतृत्व नारायण भोक्ता के मामले में नाराज है। उसका कहना है कि प्रदेश ने उसे अंधेरे में रखा। प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय, संगठन महामंत्री राजेंद्र प्रसाद सिंह, स्थानीय सांसद सुनील सिंह, पलामू सांसद बीडी राम, लातेहार जिलाध्यक्ष अमित शाहदेव की भूमिका पर सवाल खड़े किये जा रहे हैं। लातेहार जिलाध्यक्ष को हटाये जाने की भी चर्चा है।

प्रदेश नेतृत्व ने किया था बचाव
टिकट बंटवारे के दूसरे दिन ही मीडिया से नारायण भोक्ता की उम्मीदवारी पर सवाल उठाया था। तब रवींद्र राय ने सिरे से आरोपों को खारिज कर दिया था। यहां तक कहा था कि जितने मामले भोक्ता पर थे, सभी में वे बरी हो चुके हैं। आरोप के आधार पर किसी की दावेदारी खत्म नहीं की जा सकती।

 

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