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सज्जन कुमार व टाइटलर को एक मौका मिलना चाहिए: शीला

दिल्ली की सक्रिय राजनीति में सज्जन कुमार व टाइटलर को एक मौका मिलना चाहिए। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का यह मानना है। ज्ञात हो कि ये दोनों ही नेता 84 के दंगों के मामलों में घिरे रहे। सज्जन कुमार को अदालत से राहत मिली है जबकि जगदीश टाइटलर के खिलाफ कुछ मामले में चल रहे हैं। विधानसभा चुनावों से ठीक पहले आए इस बयान को गंभीरता से लिया जा रहा है। हालांकि शीला दीक्षित ने खुद के सक्रियता राजनीति में आने की स्थिति पर सवाल खड़ा कर दिया है।

शीला दीक्षित लगातार तीन बार दिल्ली में चुनाव जीती है। कांग्रेस ने इनके नेतृत्व में 1998, 2008 और 2013 का चुनाव लड़ा था। इन चुनावों में कांग्रेस इन्हीं 15 सालों के विकास को आधार बना रही है। जिस वजह से मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की भूमिका को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। खुद चुनाव लड़ने के मामले में वे मानती है कि अब उनका चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं है लेकिन पार्टी जो निर्णय लेगी उसमें वे सक्रिय भूमिका निभाएंगी।

कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में उन्हें केरल का राज्यपाल बनाकर भेजा गया था और अगस्त में इनकी वापसी के बाद ही उनके सक्रिय राजनीति में लौटने चर्चाएं चल रही है। इनके तीन बार के शासन काल के बाद कांग्रेस की स्थिति में बदलाव आया है। दिसम्बर 2013 में हुए चुनाव में पार्टी को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था। 2008 में कांग्रेस क पास 43 सीटें थी और ये सीटें 2013 में गिरकर केवल 8 रह गई। इसके अतिरिक्त कांग्रेस का वोट बैंक भी गिरकर 40.3 प्रतिशत से 25.3 प्रतिशत पर पहुंच गया था। हाल ही में पार्टी की एक कोर टीम गठन की खबरों के बाद इनका मामला तूल पकड़ गया है जिसमें इन्हें नहीं रखने की बात की गई है। हालांकि कांग्रेस इसका खंडन करती नजर आ रही है।

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