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पिंकी मौत के बाद एमडीयू ने किया परीक्षा नियमों में संशोधन

पिंकी की मौत के बाद महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) प्रशासन जागा है। एमडीयू ने परीक्षा नियमों में बदलाव किया है। अब छात्र को थ्योरी,इंटरनल अससेसमेंट और प्रैक्टिकल के पेपर में अलग-अलग पास होना जरुरी कर दिया गया है। पहले थ्योरी और इंटरनल असेसमेंट दोनों के नंबर मिलाकर पास कर दिया जाता था। एमडीयू ने परीक्षा नियमों में बदलाव के लिए एक समिति का गठन किया था जिसकी सिफारिश पर एमडीयू के कुलपति ने संशोधन पर मुहर लगा दी है।

इस बाबत एमडीयू ने बुधवार को सभी संबद्ध कॉलेजों में अधिसूचना जारी कर दी है। राजकीय कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि एमडीयू की ओर से परीक्षा नियमों में बदलाव की सूचना मिली है। उन्होंने इस बदलाव का स्वागत करते हुए कहा कि इस कदम से छात्रों का रिजल्ट बेहतर होगा और छात्र पहले से ज्यादा गंभीर होगा। अक्सर छात्रों की मार्कशीट में इंटरनल असेसमेंट और थ्योरी के नंबरों में काफी अंतर पाया जाता है। पिंकी के मामले में भी उसे इंटरनल असेसमेंट में 20 में से 19 अंक मिले थे। थ्योरी और प्रैक्टिकल के अंक मिलाकर उसे कुल 29 अंक मिले थे।
इंटरनल अससेसमेंट के तहत दस अंक क्लास टेस्ट,पांच अंक उपस्थिति और पांच अंक कॉलेज के प्रोजेक्ट के आधार पर दिए जाते हैं।    


एमडीयू ने एक अन्य बदलाव करते हुए छात्र द्वारा उत्तर पुस्तिका की पुन: जांच कराने की अधिकतम सीमा की बाध्यता भी हटा दी है। पहले किसी विषय में 60 फीसदी या ज्यादा अंक होने पर छात्रों को इसकी सुविधा नहीं मिलती थी। ऐसे कई छात्र होते हैं जो 60 फीसदी या कुछ अधिक अंक पाने से असंतुष्ट होने पर फिर से जांच कराने की मांग करते हैं।

जंतर-मंतर पर परिजनों ने रखी मांगें
बुधवार को पिंकी को न्याय दिलाने के लिए परिजनों,गांव वालों और कॉलेज की छात्रओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में करीब 200 लोग शामिल हुए। परिजनों में पिंकी के पिता वीरपाल,भाई अरुण,चाचा विजयपाल,ताऊ सतपाल सहित कासन गांव के ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों में महिलाओं ने भी काफी संख्या में प्रदर्शन में हिस्सा लेकर पिंकी को न्याय दिलाने के लिए अपनी आवाज बुलंद की। पिंकी के बड़े भाई अरुण चौहान ने कहा कि पिंकी को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

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 जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने चार मांग रखीं।
1.    सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया जाए।   
2.    राजकीय कन्या महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्या समेत अन्य आरोपी शिक्षकों का भी तबादला हो।
3.    राजकीय कन्या महाविद्यालय सेक्टर 14 और एमडीयू में भ्रष्टाचार और अनियमितता की व्यापक जांच हो।
4.    गुड़गांव,फरीदाबाद,पलवल,महेंद्रगढ़,रेवाड़ी,मेवात के कॉलेजों को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से संबद्ध किया जाए।
कालेज प्रबंधन से भयभीत दिखी प्रदर्शन में शामिल छात्रएं
जंतर-मंतर पर पिंकी को न्याय दिलाने के लिए राजकीय कन्या महाविद्यालय की करीब 30 छात्रएं पहुंची। लेकिन सभी छात्रओं ने मुंह पर कपड़े ढांके हुए थे। छात्रओं में कॉलेज प्रबंधन का डर साफ देखा जा सकता है। नाम न छापने की शर्त पर इन छात्रओं ने बताया कि इन्हें उनके रिजल्ट रोके जाने,अभिभावकों से शिकायतें किए जाने और कॉलेज में डांट-फटकार का डर है। पर छात्रएं यह कब समझोंगी उनका यही डर को सताने वालों ने उनके शोषण का हथियार बना रखा है।

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