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उत्तराखंड परिवहन चक्काजाम, बरेली परिवहन निगम ने पूरी रखी तैयारी

उत्तराखंड में रोडवेज के चक्का जाम से निपटने के लिए बरेली परिवहन निगम ने खासे इंतजाम किए थे। इसके बाद भी बुधवार को उत्तराखंड जाने वाले यात्रियों की खासी कमी आई। पुराना रोडवेज बस अड्डे और सेटेलाइट पर बहुत कम सवारी दिखीं। वैसे रोजाना उत्तराखंड के लिए हजारों की संख्या में यात्री सफर करते हैं।

उत्तराखंड परिवहन निगम के संविदाकर्मियों ने मंगलवार की रात बारह बजे से चक्का जाम कर दिया। मंगलवार रात बरेली रीजन से 12-15 बसें उत्तराखंड के लिए रवाना की गईं। निगम के अफसरों को उम्मीद थी कि बुधवार को यात्रियों के लिए काफी दिक्कत होगी, इसलिए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई। अन्य मार्गो से बसों को कम करके हल्द्वानी, हरिद्वार, टनकपुर आदि शहरों के लिए लगा दी गई। सेटेलाइट और पुराने रोडवेज बस अड्डे पर बसें खड़ी करा दी गईं। 28 चालक और परिचालक रिजर्व कर दिए गए लेकिन उत्तराखंड में चक्का जाम के डर से बरेली से जाने वाले यात्राियों ने बहुत ही कम सफर किया। 20-25 फीसदी ही यात्री गए। परिवहन निगम के क्षेत्रीय मैनेजर एसके शर्मा का कहना है कि उत्तराखंड जाने के लिए यात्राियों को कोई दिक्कत नहीं हुई। भले ही उत्तराखंड की बसें नहीं आई लेकिन बरेली से काफी बसों को उत्तराखंड सवारियां लेकर रवाना की गई।


उत्तराखंड के बस स्टेशनों पर नहीं रोकीं बसें
पिछले महीने बिना परमिट को लेकर यूपी-उत्तराखंड परिवहन निगम एक-दूसरे के विरोध में उतर आए थे। पहले चालक-परिचालकों के बीच मारपीट हुई। फिर एक दूसरे की बसों को रोक लिया। परिवहन विभाग की ओर से एक-दूसरे की बसें सीज कर दी गईं। जब उत्तराखंड के संविदा चालकों ने चक्का जाम किया तो यूपी परिवहन विभाग ने उत्तराखंड जाने आने वाले यात्रियों की परेशानी की देखते हुए अपनी बसों की संख्या बढ़ा दी। हालांकि बरेली रीजन की उत्तराखंड के शहरों में बसों तो भेजी गई, लेकिन उत्तराखंड के बस स्टेशनों पर बसों को नहीं रोका गया।

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