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बिहारः विवाद बढ़ने पर सीएम के पीए ने दिया इस्तीफा

बिहारः विवाद बढ़ने पर सीएम के पीए ने दिया इस्तीफा

मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी पर परिवारवाद का आरोप लगने और भाजपा द्वारा इस मामले को उछाले जाने के बाद बुधवार की देर रात देवेंद्र मांझी ने मुख्यमंत्री के पीए के पद से इस्तीफा दे दिया। देवेंद्र ने कहा कि मैंने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री के निजी सचिव को भेज दिया है। उन्होंने कहा कि लोग उनकी नियुक्ति पर सवाल उठा रहे थे इसलिए उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

इससे पहले अपने बयानों से लगातार विवादों में रहे मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी पर अब परिवारवाद का आरोप लगा है। इस बार अपने दामाद देवेंद्र मांझी को अपना पीए बनाने को लेकर वे विवादों में घिर गए हैं। भाजपा ने इस मुद्दे पर उन पर सीधा प्रहार किया है। श्री मांझी के 47 वर्षीय दामाद देवेंद्र मांझी पेशे से इंजीनियर हैं। जिस समय जीतन राम मांझी कल्याण मंत्री थे, उस वक्त भी वह उनके निजी सहायक रह चुके हैं।

मुख्यमंत्री से पत्रकारों ने बुधवार को जब इस बाबत दो अलग-अलग कार्यक्रमों में सवाल किया तो वह टाल गए। सुबह एक कार्यक्रम से लौटने पर उन्होंने कहा कि अब मीडिया के पास यही सब रह गया है। वहीं दूसरी बार कैबिनेट की बैठक से लौटने के क्रम में मुख्यमंत्री से जब यह प्रश्न किया गया तो उन्होंने कहा कि लोग उन्हें बदनाम तो करते ही रहते हैं। जब कहा गया कि अपने सगे-संबंधी को अपना पीए बनाया जाना 2000 में आए नियम का उल्लंघन है तो मांझी ने कहा कि वह इसकी जांच कराएंगे।
वहीं एक टीवी चैनल से बातचीत में देवेंद्र मांझी ने कहा कि 2006 से ही वह कल्याण मंत्री रहे अपने ससुर श्री मांझी के पीए हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद वह पुन: यहां आ गए। अपने स्तर से वह ऑफिस के पूरे प्रोटोकॉल का पालन करते हैं। ऑफिस में मैं मुख्यमंत्री का पीए होता हूं और घर में उनका दामाद। वह मुख्यमंत्री की सुरक्षा से लेकर उनके खाने-पीने का काम भी संभालते हैं।

क्या कहता है नियम
मंत्रियों को निजी सचिव व अन्य स्टाफ की सुविधाओं को लेकर जो नियमावली है उसकेतहत उन्हें एक फार्म दिया जाता है जिसमें इस बात का जिक्र रहता है अपने निजी सचिव व अन्य स्टाफ में वे अपने किसी परिजन को नहीं रखेंगे।

बिहार में भ्रष्टाचार पराकाष्ठा पर है, यही कारण है कि सीएम दामाद को अपना पर्सनल स्टाफ नियुक्त करता है।
सुशील कुमार मोदी, नेता, भाजपा विधानमंडल दल

मुख्यमंत्री जैसे उच्च पद पर बैठे किसी व्यक्ति को अपने किसी रिश्तेदार या परिवार के सदस्य को पीए अथवा पीएस नहीं रखना चाहिए। यह व्यवस्था के विपरीत है। इस तरह की नियुक्ति की सारी व्यवस्था पारदर्शी होनी चाहिए। जीतन राम मांझी के दामाद तब भी उनके पीए थे, जब वह मंत्री थे।
- मंगल पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा 

 

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