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बादशाह का दिल इतना भी छोटा नहीं होना चाहिए: आजम

 नगर विकास मंत्री आजम खां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बगैर उन पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि बादशाह का दिल इतना छोटा नहीं होना चाहिए कि मुस्लिम भाइयों को ईद की मुबारकबाद भी न दे। जबकि लखनऊ के नवाब वाजिदअली शाह ने मजलिस ले लौटते हुए हिंदू भाइयों के साथ होली का रंग बिखेरा था। ऐसा करके उन्होंने लखनऊ की गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की थी।


आजम ने यहां समाजवादी पेंशन योजना समारोह में कहा कि बादशाह का दिल छोटा होना देश के 125 करोड़ हिंदुस्तानियों के लिए ठीक नहीं है। जो बादशाह हिंदू-मुस्लिम के बीच दीवार खड़ी कर दे, वह बादशाह न होकर तानाशाह है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान की भी यह कहकर आलोचना की कि ऐसा करके उन्होंने बाल्मीकियों का हक छीनने का काम किया है। उन्होंने आज के दिन को मुलायम सिंह यादव के अरमानों को पूरा करने का दिन बताया।


आजम ने सपा सांसद जया बच्चान की इस बात को भी गलत बताया कि समाजवादी पार्टी महिलाओं के प्रति संवेदनशील नही है।  उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए शौचालय बनाने की बात सबसे पहले नेता जी (सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव) ने कही थी जिसे उन्हें खुले में शौच के लिए न जाना पड़े।
इससे पहले फिल्म अभिनेत्री और सांसद जया बच्चान ने पेंशन पाने वाली महिलाओं से पूछा कि वे खुश हैं? महिलाओं ने हाथ उठाकर कहा कि वे खुश हैं। जवाब में जया बच्चान ने कहा कि एक छोटे बच्चाे ने आपको ताकत दे दी है। उन्होंने कहा कि  इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं को पेंशन देकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यह  दिखा दिया कि वे महिलाओं के प्रति संवेदनशील हैं।


विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि सपा ने शुरू से ही गरीबों के उत्थान की कल्पना की थी जिसे अखिलेश यादव पूरा कर रहे हैं। लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि जब से सपा सरकार बनी है तब से अब तक हर दिन, हर महीने उसने बड़े फैसले लिए हैं। समाज कल्याण मंत्री अवधेश प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री समाजवादी पेंशन योजना की धनराशि बढ़ाकर एक हजार रुपए तक कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह पहला राज्य है जो नाबालिग विकलांगों को भी पेंशन दे रहा है।
पेंशन योजना की परिकल्पना इसी साल की गयी थी


मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि फरवरी 2014 में समाजवादी पेंशन योजना की परिकल्पना की गई थी। इस योजना के तहत एक करोड़ 15 लाख के प्रार्थना पत्र आए। जिनमें 40 लाख को चुना गया। इनमें 18 लाख सामान्य और पिछड़ा वर्ग के हैं। 12 लाख अनुसूचित और जनजाति के और 10 लाख अल्पसंख्यक हैं। इस पेंशन योजना के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 2424 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। पेंशन पाने वालों में 40 फीसदी से ज्यादा विकलांग हैं।

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