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जलापूर्ति पाइप नहीं बिछाया, बर्बाद हो रहा हजारों लीटर पानी

निज संवाददाता। पकरीबरावां प्रखण्ड के केशौरी गांव में प्रतिदिन हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। वाटर सप्लाई केन्द्र का पानी पास में स्थित तालाब में बहाया जा रहा है। लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है, वहीं घरों में पानी सप्लाई की बजाय इसे बहाया जा रहा है। अनुपयोगी बना है वाटर सप्लाई केन्द्र केशौरी गांव का वाटर सप्लाई केन्द्र अनुपयोगी बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग तीन वर्ष पूर्व वाटर सप्लाई केन्द्र बनाया गया है।

सौर प्लेट की सहायता से वाटर सप्लाई की योजना थी। ग्रामीणों ने बताया कि पूरे गांव में पाइप बिछाने की बजाय ठेकेदार कुछ ही दूर तक पाइप बिछाकर वाटर सप्लाई का कार्य करना चाह रहे थें। लगभग पचास मीटर पाइप बिछाई गई थी। इसके बाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई और जलापूर्ति का कार्य ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ है। 3000 की आबादी के लिए मात्र 9000 लीटर पानी की गई थी व्यवस्था ग्रामीणों ने बताया कि गांव की आबादी लगभग 3000 है।

इतनी बड़ी आबादी के लिए मात्र 9000 लीटर पानी को स्टॉक करने की व्यवस्था की गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार ने बताया कि तीन-तीन हजार वाले चार टंकी की व्यवस्था की जाएगी। ग्रामीणों ने बताया कि तीन टंकी वाटर सप्लाई केन्द्र में है। गांव वालों का कहना है कि पूरे गांव में पानी सप्लाई करने की योजना नहीं रहने के कारण और गांव में आपसी विवाद उत्पन्न हो जाने के कारण यह योजना बेकार साबित हो रही है।

वाटर सप्लाई केन्द्र परिसर में आई पाइप भी बेकार पड़ी है। इसकी देख-रेख में लगे गार्ड बसंत रविदास ने बताया कि उन्हें कई माह से वेतन नहीं दिया गया है। लोगों के अनुसार गांव में पानी का जलस्तर भी काफी डीप में है। लोगों की राय: गांव में पेय जल संकट है। लगभग ढाई सौ घरों वाले महादलित टोले में मात्र दो चापाकल है। रामजतन मांझी वाटर सप्लाई केन्द्र बनाए गए हैं, पर इससे कोई फायदा नहीं है। लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है।

जिनिश मांझी लाखों रुपये से बनी वाटर सप्लाई केन्द्र का कोई उपयोग नहीं है। इससे बेहतर यह होता कि गांव में एक दर्जन चापाकल की व्यवस्था करा दी जाती। अशोक सिंह गांव में पानी की समस्या है। विभाग को जल्द ही इस दिशा में कोई सार्थक पहल करनी चाहिए। रविन्द्र सिंह अधिकारी कोट ठेकेदार ने विभाग को सप्लाई केन्द्र नहीं सौंपा है। गांव में विवाद के कारण पाइप नहीं बिछाई गई है। इस दिशा में विभागीय निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

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