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मोदी पर खतरे की संभावना से चौकन्नी सरकार

मोदी पर खतरे की संभावना से चौकन्नी सरकार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आतंकी गुटों से खतरे की खबरों के बीच सरकार मान रही है कि आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर आईएस, अलकायदा और अन्य जिहादी गुटों का खतरा बढ़ा है। खुफिया एजेंसियों ने जानकारी दी है कि आईएस,जमात,अलकायदा जैसे आतंकी संगठन भारत में अपना पांव पसारने के लिए कई तरीकों से काम कर रहे हैं।


इंटरनेट इनका मुख्य हथियार है। भारत जिहादी गुटों के बढ़ते इंटरनेट जाल पर शिकंजा कसने के लिए अमेरिका से सहयोग की गुजारिश करेगा। दोनों देश संयुक्त समूह की बैठक में इस मसले पर चर्चा कर सकते हैं। खुफिया इनपुट के मुताबिक अब तक करीब 20 भारतीय मूल के युवकों के आईएस के संपर्क में आने की खबर मिली है।  हालांकि सरकार अभी इस सूचना को पुष्ट नहीं कर रही है।

इंटरनेट सर्वर से मिलेंगे सूत्र
सूत्रों ने कहा कि ज्यादातर इंटरनेट सर्वर विदेशों में हैं। अमेरिका इन सर्वर के जरिए आतंकी गुटों की गतिविधियों पर ज्यादा बेहतर तरीके से नजर रख सकता है। भारत चाहता है कि आतंकी गुटों की गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए भारत और दुनिया के अन्य देश मिलकर काम करें। गृहमंत्रलय के सूत्रों ने कहा कि खासतौर पर आईएस पूरी दुनिया के लिए बड़ा खतरा बन रहा है। इससे निपटने के लिए संयुक्त रणनीति बेहद जरूरी है।

राज्यों से संपर्क में केंद्र
गृहमंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि यह सही है कि आतंकी गुट भारत में बड़ा हमला करने की फिराक में हैं। वे भारत में अपने संपर्क सूत्रों के जरिए रेकी का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन भारतीय एजेंसियों की कड़ी नजर है। राज्यों से केंद्र सरकार संपर्क में हैं। सीमावर्ती इलाकों में भी पूरी तरह अलर्ट जारी किया गया है। सूत्रों ने कहा कि सरकार राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाने पर भी विचार कर रही है। राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की गुवाहाटी में होने वाली बैठक की तिथि टालकर अब 29 व 30 नवंबर को कर दी गई है। मंत्रलय सूत्रों ने कहा कि उत्तरपूर्वी इलाकों में आतंकी खतरे का इनपुट पहले से एजेंसियों को मिला था। इसी आधार पर यह बैठक असम में रखी गई। लेकिन आईएस और जमात सहित अन्य आतंकी गुटों के देश भर में नेटवर्क फैलाने के प्रयास की सूचना से सरकार बेहद सतर्क है।
सूत्रों ने कहा कि भारत को निशाना बनाने की छटपटाहट आतंकी गुटों में कई वजहों से है।

गृहमंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा पर अलग अलग बैठकें आयोजित होंगी। अंतराज्यीय परिषद की बैठक भी होगी।

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