DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

ऑनलाइन कम्यूटराइजेशन से कम हुई प्रतीक्षा सूची

एम्स में इलाज संबंधी मुश्किलों को तकनीक की मदद से कम करने की कोशिश की गई है। इसका सीधा फायदा मरीजों को हुआ है। इसके लिए पीजीआई लखनऊ की तर्ज पर सभी प्रमुख विभागों को एक सॉफ्टवेयर की मदद से जोड़ा गया है। इससे मरीजों को कई फायदे हुए हैं। साथ ही इस सिस्टम की मदद से किसी भी समय डुप्लीकेट रिपोर्ट भी हासिल की जा सकती है। हालांकि, राजेंद्र प्रसाद नेत्र चिकित्सालय सहित कुछ विभागों में अभी ये सेवाएं शुरू होनी बाकी हैं।

ऑनलाइन समय लेने की सुविधा
ऑनलाइन ओपीडी सुविधा की मदद से राजकुमारी अमृतकौर ओपीडी में लगने वाली मरीजों की भीड़ को कुछ कम किया जा सका है। चार महीने पहले शुरू इस सुविधा को 40 प्रतिशत मरीजों ने संतोषजनक बताया है। इसके अलावा डॉक्टर को दिखाने के लिए 09266092660 फोन नंबर से भी समय लिया जा सकता है। कॉल किए गए नंबर पर मरीजों को कुछ देर में ही ओपीडी नंबर का संदेश हासिल हो जाता है। 14 भाषाओं में ओपीडी का समय लेने की सुविधा दी गई है।

कैशकार्ड
सजर्री और इलाज की कीमत का भुगतान करने के लिए पारंपरिक बिलिंग व्यवसथा से अलग अब प्रीपेड कार्ड का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस व्यवस्था को फिलहाल सीएनसी सेंटर में प्रयोग किया जा रहा है। इसमें मरीजों को भर्ती करने के समय पैसे लेकर एक कार्ड दिया जाता है। मरीज इलाज के दौरान होने वाले सभी खर्च का भुगतान कार्ड स्वैप कराकर काउंटर पर कर सकता है। डिस्चार्ज के समय मरीज को बची धनराशि वापस कर दी जाती है।

इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल और फिटनेस प्रमाणपत्र
एम्स के ट्रामा सेंटर में जुलाई 2012 से शुरू की गई सेवा के तहत मरीजो को मेडिकी फिटनेस प्रमाणपत्र के लिए अब कतार में नहीं लगना पड़ता। इसके लिए सेंटर की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर फिटनेस प्रमाणपत्र हासिल किया जा सकता है। इसके मरीज के यूएचआईडी नंबर के आधार पर रेजिडेंट चिकित्सकों को संस्थान के एक लिंक पर लॉगइन करना पड़ता है।

क्योस्क
एम्स में सभी प्रमुख जगहों पर आजकल क्योस्क देखे जा सकते हैं। इन्हें टच और टाइप स्क्रीन विकल्प के साथ लगाया गया है। क्योस्क की मदद से किसी भी मरीज के यूएचआईडी नंबर के जरिए लैबोरेटरी रिपोर्ट और इलाज संबंधी अन्य कागज का प्रिंट लिया जा सकता है। क्योस्क सेवा को पैक्स और सीपीआरएस सेवा से जोड़ा गया है, जिससे अन्य संबंधित विभाग के चिकित्सकों की रिपोर्ट भी देखी जा सकती है।

इंटरनेट सुविधा
ट्रामा सेंटर में शुरू पैक्स पिक्चर आरकाइविंग एंड कम्यूनिकेशन सिस्टम की मदद से एम्स को वाईफाई सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई है। इस सुविधा के लिए अस्पताल परिसर में 200 वायरलेस बिछाए गए हैं। वाईफाई सेवा के तहत अभी निदेशक परिसर, मुख्य एम्स ब्लॉक, सभी प्राइवेट वार्ड, सीएनसी और सीएन टावर, कैंसर विभाग और दंत विभागों को दायरे में लाया गया है। दिसंबर महीने से पहले इसे रेजिडेंट चिकित्सकों के आवास तक पहुंचा दिया जाएगा।

एप बनाया
एम्स ने अपना एक नया एप बनाया है। विस्टा एंडरॉयड एप को गूगल प्ले पर खोजा जा सकता है। सीपीआरउस विस्ता एप सर्च करने के बाद 9230 पोर्ट नंबर से इंटरनेट सेवा ली जा सकती है। 192.168.15.24 सर्वर पर एम्स परिसर में वाईफाई सेवा का लाभ लिया जा सकता है।

सुविधाओं को बेहतर करने के लिए एम्स के प्रमुख विभागों में तकनीक का प्रयोग किया गया है। इस प्रयास में सॉफ्टवेयर की भूमिका अहम रही है। अब तक के परिणाम में मरीजों का फीडबैक अच्छा मिला है। ऑनलाइन एप्वाइंमेंट सुविधा में कुछ खामियों की शिकायत मिली है, जिसे जल्द ही दूर कर दिया जाएगा।
-डॉ. एमसी मिश्र, निदेशक, एम्स

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:ऑनलाइन कम्यूटराइजेशन से कम हुई प्रतीक्षा सूची