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'विदर्भ को अलग करना, मां-बच्चे को अलग करने जैसा'

'विदर्भ को अलग करना, मां-बच्चे को अलग करने जैसा'

पृथक विदर्भ राज्य के बारे में भाजपा के रुख को रक्षक के भक्षक बनने जैसा बताते हुए शिवसेना ने आज अपने पूर्व सहयोगी को याद दिलाया उसे विदर्भ में खासे वोट मिले हैं, जो पृथक राज्य के लिए नहीं, बल्कि विकास के लिए हैं।

शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में एक संपादकीय में कहा है भाजपा ने हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में विदर्भ क्षेत्र में उल्लेखनीय जीत दर्ज की है। लेकिन उन्हें यह नहीं सोचना चाहिए कि यह जनादेश उन्हें महाराष्ट्र को विभाजित करने के लिए मिला है। महाराष्ट्र से विदर्भ को अलग करना बच्चों को उसकी मां से अलग करने जैसा होगा। उन्होंने कहा जब कोई मुख्यमंत्री विदर्भ से हो और वह उसे अलग करने के बारे में बात करे तो यह वैसा ही है जैसे महाराष्ट्र का रक्षक भक्षक बनने के लिए तैयार है।

शिवसेना ने कहा कि विदर्भ को अलग करने के बारे में बोलने के बजाय, भाजपा को क्षेत्र के विकास पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। मुखपत्र में शिवसेना ने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद नागपुर के अपने पहले दौरे पर :देवेन्द्र: फडणवीस ने कहा था कि सही समय आने पर विदर्भ का गठन किया जाएगा। इसके बजाय उन्हें क्षेत्र के विकास के बारे में बोलना चाहिए था। उन्हें गढ़चिरौली और चंद्रपुर जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों को अधिकार संपन्न बनाने के बारे में बोलना चाहिए था।

संपादकीय के अनुसार, भाजपा दिखावा करती है क्योंकि यह वही पार्टी है जिसने आंध्रप्रदेश से अलग कर पथक तेलंगाना राज्य का गठन किए जाने को लेकर कांग्रेस पर भूल करने का आरोप लगाया था। इसमें कहा गया है हमें उम्मीद है कि फडणवीस एक्सप्रेस विकास की राह पर सीधे चलेगी और रास्ते में लड़खड़ाएगी नहीं। मुख्यमंत्री को अखंड महाराष्ट्र के लिए अपना बलिदान देने वाले 105 शहीदों के सपने पूरे करने के लिए काम करना चाहिए।

 

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