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खूब खेलो...खूब बढ़ो

खूब खेलो...खूब बढ़ो

जब से कंप्यूटर आया है, तब से बाहर जाकर खेलने की तो जैसे फुरसत ही नहीं मिलती तुम बच्चों को। पर क्या तुम जानते हो कि आउटडोर खेल तुम्हारे संपूर्ण विकास के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। क्या खेलोगे, किसके साथ और कब...यह सब आज हम तुम्हें बता रहे हैं।

घर के बाहर जाकर खेलने के काफी फायदे हैं। तुम अपने दोस्तों के और करीब आते हो, टीमवर्क समझ आता है और तुम खूब बढ़ते हो। आउटडोर खेल ऐसे नहीं होते जिन्हें सर्दी-गर्मी के हिसाब से खेला जाए। तुम किसी भी खेल को कभी भी खेल सकते हो। बैडमिंटन, फुटबॉल, क्रिकेट के अलावा कई पारंपरिक खेल भी खेल सकते हो।

ट्रेजर आइलैंड
डोरेमॉन में तुमने इसका नाम सुना होगा। वहां जाकर नोबिता और उसके दोस्त मस्ती करते हैं। लेकिन हम जिस ट्रेजर आइलैंड की बात कर रहे हैं, उसे अलग-अलग जगहों पर कई तरह के नामों से जाना जाता है। इस गेम में दो टीम बनानी होती हैं। इसमें पहली टीम किसी भी चीज को खजाना बना कर छुपा देती है। फिर पहली टीम, दूसरी टीम के लिए क्लू बनाती है। उन क्लूज को फॉलो करते हुए उस खजाने तक पहुंचना होता है। इसमें तुम टाइमिंग भी शामिल कर सकते हो। जो भी टीम खजाने को ढूंढ़ने में सफल हो जाती है, वह जीती हुई मानी जाती है।

छुपन-छुपाई
यह खेल सबसे पुराना है। तुम्हारे मम्मी-पापा ने भी इसे बचपन में जरूर खेला होगा। इसमें खूब सारे बच्चे एक साथ इकट्ठे होते हैं। एक बच्चे को डेन चुना जाता है। डेन चुनने के लिए तुम अक्कड़-बक्कड़ का सहारा ले सकते हो। फिर बाकी बचे सभी बच्चे अलग-अलग जगहों पर छुप जाते हैं और डेन उन्हें ढूंढ़ता है। जिस बच्चे को वह सबसे पहले ढूंढ़ लेता है, अगली बार उसे ही डेन बनना होता है। लेकिन एक को ढूंढ़ने से ही काम नहीं चलता। उसे सभी को ढूंढ़ना होता है। अगर कोई छुपा बच्चा पीछे से जाकर उसे धप्पा कर दे तो डेन को फिर दुबारा डेन बनना होता है।

स्टापू
इस खेल में जमीन में चौकोर बॉक्सेज डिजाइन कर दिये जाते हैं। फिर इनमें एक से दस तक गिनती लिखी जाती है। हर बच्चा एक-एक करके दस खानों में स्टापू फेंकता है। लंगड़ी करते हुए उस पत्थर तक पहुंचना होता है और उसे पैर से खिसकाते हुए वापस लाना होता है। इस गेम से ब्रीदिंग प्रैक्टिस होती है और हमारे पैर बेहद मजबूत होते हैं।

स्पाइंग गेम्स
ये चोर-पुलिस की तरह का गेम होता है। इसमें दो टीम होती हैं। एक टीम चोर बनती है तो दूसरी पुलिस। पुलिस वाली टीम चोर वाली टीम को खोज कर उसे कैद करती है।

क्रिकेट
इसका जन्म इंग्लैंड में हुआ था। क्रिकेट के पहले क्लब की स्थापना 1787 में हुई थी और पहला टैस्ट मैच 1877 में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच मेलबर्न में खेला गया था। शुरुआत में क्रिकेट में टैस्ट मैच ही खेला जाता था, वनडे मैच की शुरुआत 1971 में हुई। पहला वनडे मैच भी इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच ही खेला गया था। तुमने आईसीसी का नाम तो जरूर सुना होगा। आईसीसी का पूरा नाम इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल है। जितने भी अंतर्राष्ट्रीय मैच होते हैं, सभी की रूपरेखा आईसीसी निर्धारित करती है और वर्ल्ड कप का आयोजन करती है। अब तक क्रिकेट का वर्ल्ड कप सबसे ज्यादा चार बार ऑस्ट्रेलिया ने जीता है, वहीं भारत दो बार विश्व विजेता बना है। वर्तमान में भारत ही विश्व विजेता है।

हॉकी
हमारे देश भारत का राष्ट्रीय खेल हॉकी है। ब्लैकहीथ एबी एंड क्लब को हॉकी का पहला संगठित क्लब माना जाता है। इसकी स्थापना 1861 में हुई थी। हॉकी का पहला इंटरनेशनल मैच 1895 में वेल्स और इंग्लैंड के बीच खेला गया था और पहला वर्ल्ड कप 1971 में पाकिस्तान और स्पेन के बीच खेला गया था, जिसमें पाकिस्तान ने खिताब अपने नाम किया था। जानते हो, ओलंपिक में सबसे ज्यादा आठ बार भारत ने हॉकी का मैच जीता है।

फुटबॉल
तुममें से काफी बच्चों को फुटबॉल खेलना पसंद होगा। जानते हो इस खेल का जन्मदाता भी इंग्लैंड ही है। भारत में अंग्रेज इस खेल को लाए और यहां के लोगों को खेलना सिखाया। फुटबॉल का पहला क्लब 1857 में स्थापित किया गया। इसका नाम शेफील्ड फुटबॉल क्लब था। फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा है। फुटबॉल का पहला वर्ल्ड कप वर्ष 1930 में उरुग्वे और अर्जेटीना के बीच खेला गया था, जिसमें उरुग्वे विजेता घोषित किया गया।

टेबल टेनिस
इस खेल का जन्म भी इंग्लैंड में ही हुआ था। वर्ष 1926 में इंटरनेशनल टेबल टेनिस एसोसिएशन की स्थापना हुई। इसका पहला वर्ल्ड चैंपियनशिप मैच 1927 में खेला गया।

वॉलीबॉल
वॉलीबॉल का जन्मदाता यूएसए है। 1895 में इसकी शुरुआत हुई। वॉलीबॉल की प्रमुख संस्था इंटरनेशनल वॉलीबॉल फेडरेशन की स्थापना 1948 में हुई और पहला वर्ल्ड कप 1949 में हुआ। तो तुम भी खेलो इसे दोस्तों के साथ।

बास्केटबॉल
इस खेल का जन्म अमेरिका में हुआ था। 1891 में जेम्स नेस्मिथ नामक अमेरिकी ने इसे खेलना शुरू किया। पहला मैच 1930 में खेला गया। बास्केटबॉल की सर्वोच्च संस्था फेडरेशन इंटरनेशनल डे बॉस्केटबॉल एसोसिएशन 1932 में बनी।

बैडमिंटन
ऐसा माना जाता है कि बैडमिंटन की शुरुआत भी इंग्लैंड में हुई। इसकी प्रमुख संस्था इंटरनेशनल बैडमिंटन फेडरेशन का गठन 1934 में किया गया।

पिट्ठू
इस खेल में भी दो टीमें होती हैं। एक टीम पत्थरों से बने पिरामिड को बॉल से तोड़ती है और फिर से उस पिरामिड को बनाने की कोशिश करती है, जबकि दूसरी टीम पिरामिड बनाने वाली टीम के सदस्य को बॉल मार कर आउट करने की कोशिश करती है।

इनका रखो ध्यान
आउटडोर गेम्स के साथ इतनी सारी अच्छी बातें जुड़ी हैं, लेकिन फिर भी कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। इन बातों का ख्याल रखने पर ही आउटडोर गेम्स खेल कर भी तुम पढ़ाई को और परिवार को पूरा टाइम दे सकते हो।

सबसे पहले तो खेलने के लिए ऐसी जगह चुनो, जो घर के आसपास हो, यानी जहां से घर वाले तुम्हें आवाज देकर बुला सकें। अगर आसपास खेलने की जगह नहीं है तो अपने पड़ोस के दोस्तों के साथ करीब की किसी जगह पर खेलने जा सकते हो, लेकिन रोज नहीं। और इस जगह के बारे में घर वालों को पता भी होना चाहिए।

ऐसे दोस्तों के साथ खेलना शुरू करो, जिन्हें तुम पहचानते हो या जो तुम्हारे ही जैसे हों। बाहर खेलने का यह मतलब नहीं है कि तुम इनडोर गेम्स को पूरी तरह गुडबाय कह दो, क्योंकि एक तो इनसे भी तुम्हें काफी कुछ सीखने को मिलता है, दूसरे आउटडोर गेम्स रोज नहीं खेले जा सकते। ज्यादातर ऐसे गेम्स के लिए टीम की जरूरत पडम्ती है और कभी-कभी दोस्तों का बाहर आकर खेलने का मन नहीं होता।

अगर इन सारी बातों का ध्यान रखोगे तो तुम्हें आडटडोर गेम्स के बहाने एक नई दुनिया देखने को मिलेगी। नए दोस्त बनेंगे, फिजिकल फिटनेस रहेगी और कई सारी नई बातें भी सीख सकोगे। तो फिर देर किस बात की है, तुम अपने आसपास के दोस्तों के साथ मिल कर गेम प्लान करो और खेलने के लिए तैयार हो जाओ।

ये होंगे फायदे
आउटडोर गेम्स से हमें कई नए दोस्त मिलते हैं, जो हमारे घर के आसपास रहते हैं और जिनसे स्कूल आने-जाने, होमवर्क और इनडोर गेम्स में बिजी रहने की वजह से हम मिल नहीं पाते।

इसके अलावा, बाहर निकल कर खेलने से पढ़ाई और आसपास की तमाम दूसरी चीजों के बारे में सीख सकते हो।

सबसे बड़ा फायदा तो यह है कि आउटडोर गेम्स से तुम्हारा शरीर चुस्त रहेगा, भूख ज्यादा लगेगी और तुम बीमार भी नहीं पड़ोगे।

इन गेम्स में कई ऐसे गेम्स भी हैं, जिनमें एक्सपर्ट होने पर तुम उस गेम की डिस्ट्रिक्ट, स्टेट और नेशनल टीम में चुने जा सकते हो, जैसे बैडमिंटन, कबड्डी, खो-खो, बास्केटबॉल। आउटडोर गेम्स से एक बेहतर करियर भी मिल सकता है।

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