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एसकेएमसीएच अधीक्षक छोड़ सकते हैं पद

बढ़ रहे मरीज व डॉक्टरों के घट रहे पदों से परेशान एसकेएमसीएच अधीक्षक ने पद छोड़ने का मन बना लिया है। मंगलवार की शाम अधीक्षक ने प्रधान स्वास्थ्य सचिव कार्यालय को अपनी इच्छा से अवगत करा दिया है। कार्यालय को अस्पताल में व्याप्त सभी तरह की कमियों के बारे में भी बताया गया है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. जीके ठाकुर ने बताया कि गायनिक, मेडिसिन व सर्जरी विभाग की 24 घंटे इमरजेंसी सेवा चलाने के लिए डॉक्टरों को मनाना पड़ता है। गायनिक के बाद मेडिसिन व सर्जरी विभाग चलना अब मुश्किल हो गया है। उपचार मिलने में देरी होने पर तीमारदारों से धमकियां भी आये दिन मिलती हैं।

अधीक्षक ने बताया कि पांच सालों के दौरान डॉक्टर के रिक्त पदों को भरने के लिए कई बार पत्र लिखने के साथ-साथ दर्जनों विभाग के प्रधान सचिव से भी मुलाकात की। नतीजा सिर्फ आश्वासन तक ही सीमित रहा । डॉक्टरों की कमी के कारण गायनिक के बाद मेडिसिन व सर्जरी विभाग की इमरजेंसी सेवा पर संकट आ गया है। अधीक्षक डॉ. ठाकुर ने बताया कि बुधवार को विभाग के प्रधान सचिव से मिलकर डॉक्टरों की कमी को दूर करने की मांग करेंगे।

अगर इसके बाद भी सुधार नहीं हुआ तो विभागीय स्तर पर खुद को हटाने की मांग करेंगे। इसके बाद भी सुधार नहीं होने पर वह खुद ही पद छोड़ देंगे। 110 में 67 हैं कार्यरत 40 वर्ष पूर्व 450 बेड के लिए अस्पताल में 110 डॉक्टर के पद स्वीकृत हुए थे। हाल के कुछ वर्षों में मरीजों की क्षमता तिगुनी व चौगुनी हो गयी । डॉक्टर की संख्या बढ़ने के बजाय 43 पद रिक्त खाली हैं।

 

 

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