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बच्चे छींकें तो सचेत हो जाएं

एलर्जी के कारण बच्चे कई प्रकार की बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। इन रोगों का सही समय पर प्रबंधन नहीं होने से बाद में गंभीर रोग की आशंका रहती है। इंडियन एकेडमी ऑफ पेडियाट्रिक (आईएपी) द्वारा बुधवार को आयोजित सीएमई में शिशु रोग विशेषज्ञ डा.अवध अग्रवाल ने बताया कि ग्लोबल वार्मिग और मौसम में हो रहे परिवर्तन का प्रभाव बच्चों के सेहत पर पड़ रहा है। इसके कारण एलर्जी का प्रकोप बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि एलर्जी के कारण सांस की नली की तकलीफ का सही इलाज न हो तो वह बाद में दमा रोग में बदल जाता है।ड्ढr ड्ढr एलर्जी के चलते बच्चों के शरीर पर लाल-लाल दाने उग आते हैं। इसके कारण आर्टिकेरिया की बीमारी होने की आशंका रहती है। उन्होंने कहा कि बच्चों में बार-बार छींकने की शिकायत पायी जाती है। यह एलर्जिक राइनाइटिस के लक्षण हो सकते हैं। बच्चों में इस प्रकार के लक्षण मिलने पर उसका उचित ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में बच्चे किसी गंभीर बीमारी के शिकार न बने। वैज्ञानिक सत्र की अध्यक्षता डा.ए.के.पाण्डेय और डा.राजाराम प्रसाद ने की। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डा.उत्पलकांत सिंह ने भी एलर्जी के प्रबंध पर जानकारी दी। अतिथियों का स्वागत आईएपी के अध्यक्ष डा.अरुण कुमार ठाकुर ने किया। अपने धन्यवाद ज्ञापन में आईएपी के सचिव डा.बी.पी.जायसवाल ने बताया कि बच्चे नाजुक होते हैं। उनके स्वास्थ्य की देखभाल पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती। एलर्जी प्रबंधन के सीएमई में हुई आम सहमति से चिकित्सकों को नया रास्ता मिलेगा। इसमें राजधानी के दर्जनों शिशु रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया।ं

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