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मुश्किल काम को पहले करने से मिलती है सफलता

अभी पिछले दिनों मुझे ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में शिरकत करने का अवसर मिला। यहां पर दुनियाभर से आए कई उद्योगपतियों का अनुभव सुनने को मिला, लेकिन जो सबसे ज्यादा दिल को छूने वाला और रोचक अनुभव था, वह था जय प्रकाश इंडस्ट्रीज के मालिक जय प्रकाश गौड़ का। जय प्रकाश गौड़ ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि आज मैं 84 साल का हूं। अपने करियर की शुरुआत मैंने 1950 में रुड़की से सिविल इंजीनियरिंग करने के बाद की थी। मैं अपनी जेब में 100 रुपए लेकर निकला था। सबसे पहला काम मुझे झांसी में एक कंस्ट्रक्शन का मिला। इसके  बाद मैं मध्य प्रदेश के मुरैना शहर गया। यहां काम पूरा करने के बाद हमें रीवा में रेलवे लाइन बिछाने के लिए जापान से 55 करोड़ का लोन मिला। 1983 में रीवा से शुरू हुआ यह काम आज देश के विभिन्न हिस्से में जारी है। आप कह सकते हैं कि रीवा मेरी कर्मभूमि बनी, जहां से मुझे देश के अन्य हिस्सों में भी काम करने का मौका मिला। फिर मैंने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। उनकी जीवन-यात्रा बेहद प्रेरणादायी है और मुझे लगता है कि हर सफल व्यक्ति के साथ ऐसा ही होता है।

उनके अनुभव सुनते हुए मुझे अमेरिकन स्टील टाइकून एंड्र कार्नेगी की यह पंक्तियां याद आ रही थीं, जो अक्सर कहा करते थे, ‘आप किसी भी व्यक्ति को तब तक सीढ़ी पर नहीं चढ़ा सकते, जब तक वह सीढ़ी पर चढ़ने के लिए उत्सुक न हो।’ कहने का अर्थ यह कि यदि कोई व्यक्ति सफलता प्राप्त करना चाहता है तो उसके रास्ते में कितनी ही कठिनाइयां आएं,वह उनसे पार पा ही लेता है।

एंड्र कार्नेगी का जीवन स्वयं संघर्षमय रहा। स्कॉटलैंड में जन्मे कार्नेगी जब महज 13 वर्ष के थे, तभी वे अपने पिता के साथ अमेरिका आ गए। पारिवारिक तंगी की वजह से वे मात्र 13 वर्ष की उम्र से एक टेक्सटाइल मिल में मजदूरी करने लगे, जिसके एवज में उन्हें एक सप्ताह में मात्र 1.20 डॉलर मिलते थे। धीरे-धीरे वे पेन्सिल्वेनिया रेलरोड कॉरपोरेशन के सेक्रेटरी बन गए। यहां से उन्होंने जो पैसा कमाया, उसका निवेश कर  एक स्टील कंपनी बनाई, जो कार्नेगी के नाम से जानी जाती है। इनके नाम से ही अमेरिका में कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी चलती है। इतना ही नहीं, जब इन्होंने जे.पी. मॉर्गन कंपनी को 480 मिलियन डॉलर में बेचा, तब वे दुनिया के सबसे अमीर आदमी बन गए थे। कुछ महान व्यक्तियों ने अपनी सफलता के लिए एक आम आदमी में निम्न गुणों का होना जरूरी बताया है- 

मुश्किल काम को पहले करें
मोटिवेशनल गुरु अकसर इस बात को रेखांकित करते हैं कि जिंदगी में अगर कोई मुश्किल या चुनौती भरा काम करने का मौका मिले, तो सबसे पहले उस काम को सफलता पूर्वक करें। जो काम कठिन हो, वह जरूर करना चाहिए और पहले करना चाहिए। इससे आपके मन को मानसिक ताकत तो मिलती ही है, काम करने में सुकून भी मिलता है। साथ ही ऐसा काम करना किसी-किसी के लिए अच्छा शगुन साबित होता है। 

मुश्किल वक्त में समझदारी से काम लें
प्राय: होता यह है कि जब मुश्किल वक्त आता है, तब एक सामान्य मनुष्य घबरा जाता है, जबकि एक विवेकशील व्यक्ति इस मुश्किल वक्त को अपने लिए अवसर समझ कर समझदारी से काम लेता है और इससे कुछ ऐसा नया रास्ता निकालता है, जो उसके लिए मील का पत्थर साबित होता है। इसी  की व्याख्या करते हुए कार्नेगी कहते हैं  कि मैं जितना बड़ा होता चला जाता हूं, उतना ही कम सुन पाता हूं कि लोग क्या कह रहे हैं, बल्कि मैं यह देखने की कोशिश करता हूं कि लोग क्या करते हैं,  इससे मुझे मुश्किल से बाहर निकलने का रास्ता दिखाई देता है। 

छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करें
जब आप कोई बड़ा काम करने के लिए आगे बढ़ते हैं तो उसमें हाथ बंटाने और उत्साह बढ़ाने वाले लोग कम मिलते हैं। ऐसे में आपको निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि अपने लक्ष्य को ध्यान में रख कर आगे बढम्ते रहना चाहिए। इससे आपके अंदर की पॉजिटिव एनर्जी को एक नई शक्ति मिलती है।

कार्नेगी ने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए सबसे बड़ा मूलमंत्र उस व्यक्ति के भीतर स्वयं छुपा होता है। उनके अनुसार यदि कोई व्यक्ति स्व-प्रेरित है, तब उसे दुनिया की कोई भी शक्ति अपने रास्ते से नहीं डगमगा सकती।

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