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4 पुलिस कर्मियों समेत छह पर दर्ज हुआ पुलिस केस

एनकाउंटर स्पेशिलिस्ट एसीपी राजबीर के हत्यारे को पेशी पर ले जाते वक्त बीच में लापरवाही बरतने पर चार पुलिस कर्मियों समेत छह पर पुलिस केस दर्ज किया गया है। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने तीन पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामले की जांच एसीपी क्राइम को सौप दी गई है।

दिल्ली पुलिस में तैनात एसीपी राजबीर हत्या मामले की सुनवाई सीबीआई की पंचकुला कोर्ट में चल रही है। तीन नवंबर को इस मामले की सुनवाई कोर्ट में होनी थी। एसीपी की हत्या में आरोपी जिला जेल भोंडसी में बंद विजय भारद्वाज को दो नंवबर को पुलिस गार्द शाम पांच बजे लेकर पंचकुला के लिए चली। लेकिन, गार्द में तैनात चार पुलिस कर्मियों ने उसे सीधा पंचकुला न ले जाकर उसके घर सेक्टर-14 पहुंच गए। दूसरी ओर पुलिस को पहले से शिकायत मिली थी। जिसकी जांच क्राईम यूनिट आठ के ईचार्ज अमित को सौंपी गई थी। दो नवंबर को विजय भारद्वाज पुलिस गार्द कर्मचारियाें के साथ सांठगाठ करके पंचकुला जाने की बजाय सेक्टर-14 में स्थित घर पर मौज मस्ती कर रहा है। इसी दौरान अमित की टीम ने विजय के मकान ऩ 829 सेक्टर-14 की घेराबंदी करके छापा मारा। इसमें आरोपी मकान के अगले हिस्से के कमरे में मौज मस्ती कर रहा था। गार्द के कर्मचारी भी हवलदार धनसिंह, सिपाही रिंकू और सिपाही पवन अन्य कमरे में आराम कर रहे थे। चौथा सिपाही नरेश कुमार मौके पर नही मिला। पूछताछ में गार्द ईंचार्ज ने बतलाया कि वह अपने घर चला गया है। तीन नवंबर को अम्बाला में ही मिलेगा। विजय भारद्वाज और उसके भाई के साथ सांठगाठ करके पुलिस गार्द द्वारा की गई लापरवाही को पुलिस कमिश्नर आलोक मित्तल ने गंभीरता से लिया। इस बारे में थाना सिविल लाइंस थाना पुलिस में केस दर्ज करा दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच एसीपी क्राइम राजेश कुमार को सौप दी गई। एसीपी ने बताया कि हवलदार धनसिंह, सिपाही रिंकू और सिपाही पवन को गिरफ्तार कर लिया गया है। सिपाही नरेश कुमार को जांच करने बाद गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस तीनों को मंगलवार को कोर्ट में पेश करेगी। चारों आरोपियों को निलंबित कर दिया गया है।

पहले भी कर चुके थे-
एसीपी की हत्या में आरोपी विजय भारद्वाज को पेशी के दौरान पहले भी पुलिस कर्मी उसके घर पर ले जाते थे। इसकी सूचना पुलिस के उच्च अधिकारियो को पहले मिल गई थी। जब दो नवंबर को विजय भारद्वाज पंचकुला पेशी के लिए चला तो क्राइम ब्रांच की टीम पीछे लग गई थी। जब सभी घर में आराम करने लगे तो पुलिस ने रंगे हाथ सभी को धर दबोचा।

क्या है मामला-
25 मार्च 2008 को दिल्ली पुलिस में एनकाउंडर स्पेशिलिस्ट एसीपी राजबीर की गुड़गांव में एमजी रोड पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। एसीपी के हत्या के आरोप में गुड़गांव पुलिस ने सेक्टर 14 निवासी प्रॉपर्टी डीलर विजय भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी ने रिवाल्वर से दो गोली एसीपी को मारी थी। इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। केस की सुनवाई सीबीआई कोर्ट पंचकुला में चल रही है।

खुद पुलिस के सामने सिरेंडर किया था-
हत्या के बाद विजय भारद्वाज खुद पुलिस थाने में पहुंचा और सारी बात पुलिस को बता दी। पुलिस को बताया था कि छह माह से एससीपी राजबीर अंजाम भुगतने की धमकी दे रहा था। दोनों काफी समय से दोस्त थे। उस दौरान एसीपी को जेड प्लस सुरक्षा मिली थी। सुपर कॉप  के नाम से मशहूर राजबीर दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर भर्ती हुए थे। लगभग 56 एनकाउंटर किए थे। जिससे उन्हें समय से पहले प्रमोशन मिला था।

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