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बिना हेल्मेट और सीट बेल्ट वालों को नहीं मिलेगा पेट्रोल

प्रदेश के परिवहन आयुक्त ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। परिवहन आयुक्त के. रवीन्द्र नायक ने इस सम्बन्ध में कहा है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बिना हेलमेट दुपहिया वाहनों को पेट्रोल न दिया जाए और इसी प्रकार सीटबेल्ट न लगाने वाले चार पहिया वाहनों के चालकों को पेट्रोल और डीजल न दिया जाए।

श्री नायक ने प्रदेश की यातायात पुलिस द्वारा पेश किए गए आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा है कि जिलाधिकारियों को चाहिए वे इस व्यवस्था को सख्ती से लागू कराएं। उन्होंने कहा कि ये सुरक्षात्मक कदम उठाने से दुर्घटनाओ को रोका जा सकता है। सहारनपुर के अपर जिला मजिस्ट्रेट  दिनेश चंद्र ने आदेश जारी कर नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने पर प्रतिबन्ध लगाया था। इसी क्रम में लखनऊ के स्कूलों ने छात्रों के वाहनों पर प्रबिन्ध लगाने के आदेश जारी किए हैं। सेंट फ्रांसेस कालेज के प्रेंसिपल ने इस बाबत सभी अभिभावकों को एसएमएस करके कहा है कि जिन बच्चों के लाइसेंस नहीं होंगे और वे हेलमेट नहीं पहने होंगे, उनको वाहन  लाने की अनुमति नहीं होगी।

श्री नायक ने कहा है कि सड़क सुरक्षा परिषद के निर्णयों के सड़क सुरक्षा नीति मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पिछले दिनों जारी की थी, उसके तहत सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार द्वारा जोरशोर से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज मार्गो पर टोल प्लाजा और अन्य स्थानों पर क्रेनों की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए ताकि सड़क पर खराब वाहनों को तुरंत हटाया जा सके। खराब वाहन सड़क पर खड़े रहने से दुर्घटनाएं बढ़ जाती हैं।

गलत दिशा में चलने वालों पर भी कार्रवाई होगी:
प्रदेश  सरकार ने इस सिलसिले में पिछले दिनों जारी सड़क सुरक्षा नीति में यह व्यवस्था की थी कि सड़क सुरक्षा के लिए आम जन का सहयोग भी लिया जाएगा और सड़क सुरक्षा के संसाधनों का प्रचार किया जाएगा। नायक ने बताया कि रांग साइड चलने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए भी उच्च स्तर पर जल्द ही अलग से आदेश जारी होंगे। हाईवे पर रांग साइड चलने वालों की वजह से दुर्घटनाएं ज्यादा होती हैं। इसे रोकने की जरूरत है।

पहले भी हो चुके हैं आदेश
इसके पहले भी राज्य सरकार द्वारा दुपहिया वाहनों को पेट्रोल देने के बारे में इस प्रकार के आदेश दिए जा चुके हैं, लेकिन उस पर सख्ती से अमल नहीं किया गया। इस बार फिर से सरकार ने आदेश दिए हैं।

---सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार का फैसला
---1 जनवरी से 21 मार्च तक 7031 दुर्घटनाएं
---दुपहिया वाहनों की 1200 दुर्घटनाएं
---दुपहिया वाहनों की दुर्घटनाओं में 594 लोगों की मृत्यु
---530 गंभीर रूप से घायल

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