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प्रधानमंत्री जी तक हमारी अरजी पहुंचवा दें

‘भाई साहब, प्रधानमंत्री जी तक हमारी अरजी पहुंचवा दें। हम बहुत आभारी रहेंगे।..आप लोग यदि मदद करेंगे तो ककरहिया का भला हो जाएगा। बहुत समस्याएं हैं इस गांव में। आदर्श गांव के रूप में ककरहिया का चयन न हुआ तो हमें बहुत निराशा होगी क्योंकि पिछले कई वर्षो से हम विकास कार्यो के लिए दौड़ लगाते-लगाते परेशान हो चुके हैं’-यह गुहार सोमवार को ककरहिया गांव के लोगों ने लगाई। वे भाजपा के गुलाबबाग स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे थे।

सांसद आदर्श गांव के लिए चयन न होने से निराश ककरहिया के लोगों ने सोमवार को फिर एक कोशिश की। इस उम्मीद में कि शायद अब भी फैसला बदल जाए। प्रधानमंत्री की नजर गांव पर पड़े और गांव की किस्मत खुल जाए। इस बार प्रधानमंत्री के जनसंपर्क कार्यालय के बजाए वे भाजपा के गुलाबबाग स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे। वहां उसी पत्र की प्रतिलिपि सौंपी जो प्रधानमंत्री को पिछले हफ्ते भेजी गई थी। सुबह करीब 11.30 पर सौ से अधिक लोग पहुंचे। क्षेत्रीय संगठन मंत्री चंद्रशेखर ने लोगों की बातें ध्यान से सुनीं। लोग यह सुनने को तैयार नहीं थे कि सांसद आदर्श ग्राम के रूप में किसी एक गांव का ही चयन होना है और जयापुर का नाम उसके लिए लगभग तय हो चुका है। लोगों ने तर्क दोहराया कि प्रधानमंत्री चाहें तो एक से अधिक गांव गोद ले सकते हैं। उनके लिए कोई बड़ी बात नहीं होगी। संगठन मंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री के दौरे के बाद वह खुद गांव में कैंप करेंगे। लोगों की समस्याएं सुनेंगे। कहा, आदर्श गांव के रूप में भले ही चयन न हो मगर ककरहिया के विकास में कोई कोर-कसर बाकी नहीं रहने दी जाएगी।

गुलाबबाग पहुंचे लोगों की अगुवाई ग्राम प्रधान मनोज सिंह की जगह अजित सिंह, दिनेश सिंह व संतोष सिंह आदि ने की। गांव के इन युवकों ने कहा कि हम प्रधानमंत्री तक अपनी भावना पहुंचा कर रहेंगे। ककरहिया में किराना की दुकान करने वाले अवधेश सिंह, किसान हीरा पटेल, गंगाराम राजभर, सुधांशु पटेल, बिनकारी के जरिए आजीविका चलाने वाले अवधेश पटेल, बाबूलाल पटेल आदि का कहना था कि प्रधानमंत्री गांवों के पिछड़ेपन को दूर करने की बात कर रहे हैं। उनके संसदीय क्षेत्र में ककरहिया जैसा पिछड़ा गांव दो-चार की ही संख्या में होंगे। इन ग्रामीणों ने कहा कि हमने तो पिछड़ेपन के माहौल में जैसे-तैसे अपनी जिंदगी गुजार दी। अब बच्चाों के लिए विकास चाहते हैं। इसलिए उम्मीद लिए प्रधानमंत्री से गुजारिश करने आए हैं।

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