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मैं भी भारतवंशी हूं: मॉरीशस राष्ट्रपति

अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी महोत्सव में मॉरीशस के राष्ट्रपति कैलाश पुरयाग ने कहा कि भोजपुरी मात्र भाषा ही नहीं बल्कि पूर्वजों के द्वारा उत्तराधिकार में दिया गया संस्कार है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वज भारत से आए थे, इसलिए मैं भी भारतवंशी हूं।

महोत्सव का आयोजन मॉरीशस सरकार द्वारा पूर्वजों के आगमन के 180वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रहा है। इसमें भाग लेने के लिए भारत के कई साहित्यकार और कलाकार मॉरीशस गए हुए हैं। 30 अक्टूबर को महात्मा गांधी संस्थान के कांफ्रेंस हॉल में महोत्सव के उद्घाटन के अवसर पर भोजपुरी स्पीकिंग यूनियन की अध्यक्षा सरिता बुधु ने भारत, सूरीनाम आदि देशों से आए प्रतिनिधियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पूर्वज मजदूर बनकर आए थे। अपनी मेहनत और संस्कार से यहां की धरती को सोना बनाया। आज कई देशों की शासन व्यवस्था के वे ही कर्णधार हें। मॉरीशस के कला एवं संस्कृति मंत्री मुकेश्वर चुन्नी ने मॉरीशस में वर्षों से लोकप्रिय कलकता से चल..ता जहाज, पंवरिया धीरे चल गाकर सबको भाव-विभोर कर दिया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय और मंत्री अंबिका चौधरी ने भी सभा को संबोधित किया।
इस अवसर पर भोजपुरी भाषा साहित्य और मीडिया विषय पर आयोजित पहली विचार गोष्ठी में भोजपुरी अध्ययन केंद्र बीएचयू, वाराणसी के संयोजक प्रो. सदानंद शाही ने भोजपुरी के ऐतहासिक परिदृश्य पर प्रकाश डाला। अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन के महामंत्री डॉ. गुरुचरण सिंह ने भोजपुरी पत्रकारिता के उद्भव और विकास को रेखांकित करते हुए बताया कि पटना से महेद्र शास्त्री ने 1948 में संपादित भोजपुरी पत्रिका का प्रकाशन शुरू किया था। आज दुनिया के करीब पंद्रह देशों से भोजपुरी के 200 से ज्यादा पत्र-पत्रिकाएं निकलती हैं।

मॉरीशस से अमित कुमार, राजेश कुमार, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा के डीन डॉ. कृष्ण मुरारी सिंह, बीएचयू के डॉ. अवधेश प्रधान, भोजपुरी समाज दिल्ली के अध्यक्ष अजित दूबे, गोरखपुर के अनिल कुमार राम, वाराणसी के वशिष्ठ द्विवेदी, लखनऊ के डॉ. मनोज कुमार, इंग्लैंउ के उदेश्वर सिंह आदि ने आलेख पाठ किया। अलग-अलग सत्र की अध्यक्षता वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा के कुलपति डॉ. मो. अजहर हुसैन, भोजपुरी विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज सिंह, महात्मा गांधी संस्थान मॉरीशस के डॉ. जयचंद लाल बिहारी आदि ने की।

मालिनी अवस्थी ने श्रोताओं को झुमाया
दो दिनों तक चली विचार गोष्ठी में कवि सम्मेलनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। प्रसिद्ध गायिका मालिनी अवस्थी और पुष्पा प्रसाद एवं सूरीनाम के महेश आर्या ने भोजपुरी गीतों पर लोगों को खूब झुमाया। छपरा के रामेश्वर गोप ने भिखारी ठाकुर और महेंद्र मिश्र के गीतों को गाकर समा बांध दिया। कवि सम्मेलन में सासाराम के डॉ. बीबी सिंह, आरा के डॉ. कृष्ण मुरारी सिंह, डॉ. नीरज सिंह, अमेरिका की विभा पांडे, दिल्ली के मनोज, डॉ. गुरुचरण सिंह ने काव्य पाठ से श्रोताओं का खूब मनोरंजन किया।

 

 

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