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समझना होगा, क्या होती है एक वोट की कीमत

एक वोट की कीमत क्या होती है, इसे समझना जरूरी है। इसकी कीमत के कई मायने होते हैं। झारखंड में एक वोट की सरकार के खर्चे की कीमत 158 रुपये के आसपास है। अगर आप वोट नहीं डालते हैं, तो यह पैसा बर्बाद हो जाता है। वोट की कीमत क्या होती है यह चुनाव परिणाम के बाद प्रत्याशियों को पता चलती है। पिछले विधानसभा चुनाव में हटिया सीट से भाजपा प्रत्याशी रामजी लाल सारडा महज 25 वोट से हार गए थे।

चुनाव पर सरकार से लेकर पार्टियों, प्रत्याशियों और आम लोगों के पैसे खर्च होते हैं। यदि वोटों का प्रतिशत कम हुआ, तो यह खर्च और बढ़ जाएगा। 90 करोड खर्च करेगी सरकार: इस बार के विधानसभा चुनाव में झारखंड में करीब 90 करोड़ रुपए खर्च होने की संभावना है। चुनाव आयोग का खर्च वोटर कार्ड से लेकर मतदाता सूची तैयार करने, प्रशिक्षण और चुनाव डय़ूटी में शामिल लोगों के मानदेय देने में होगा। दो करोडम् से अधिक मतदाता फिलहाल वोटर लिस्ट में हैं।

राज्य में 81 विधानसभा सीट हैं। हर सीट पर औसतन दस उम्मीदवार के खर्च को ही मानदंड मान लिया जाए तो कीमत सामने आ जाएगी। सभी 81 सीटों पर प्रत्याशियों के प्रचार पर ही 226 करोडम् तो आधिकारिक खर्चा बैठता है। इसमें चुनाव आयोग का 90 करोडम् शामिल करने के बाद कुल खर्च बढम्कर 316 करोडम् रुपए तक पहुंच जाता है। चार हजार खर्च कर आते हैं वोट डालने अपना वोट डालने के लिए कुछ मतदाता दो से चार हजार खर्च कर मतदान केंद्र तक पहुंचते हैं। राज्य के बाहर नौकरी करने वाले कुछ लोग वोट डालने यहां आते हैं। डोरंडा में रहने वाले राजेश शंकर दिल्ली में नौकरी करते हैं।

लोकसभा चुनाव में वह सिर्फ वोट डालने के लिए रांची आए थे। आने- जाने में उनके करीब चार हजार रुपए खर्च हो गए। राजेश शंकर का कहना है कि उनका वोट इस खर्च से ज्यादा कीमती है। वह कहीं भी रहे वोट डालने जरूर आएंगे। राजेश शंकर जैसे कई लोग हैं जो अपनी वोट का मोल पहचानते हुए पैसे खर्च वोट डालने आते हैं। वोट के लिए रहते हैफिक्रमंद काठीटांड के प्रवीण कुमार नवोदय विद्यालय मेदनीपुर में शिक्षक हैं।

लोकसभा चुनाव में वोट डालने रांची आए थे। वह नियमित वोट डालते हैं। मेदनीपुर कीवोटर लिस्ट में उनका नाम नहीं था। इस कारण वह रांची सिर्फ वोट देने आए और शाम को लौट गए। यूनियन बैंक मिर्जापुर में कार्यरत अशोक तिवारी भी वोट डालने रांची आए थे। नौकरी करने और शहर के बाहर रहने के बाद उनका यह पहला चुनाव था। अशोक कहते हैं कि उन्हें इसके लिए छुट्टी भी मिल गई थी। वह कहते हैं मेरा वोट बह इनसे पू्छिए वोट की कीमत मूल्य है। चुनाव में कई बार काफी कम वोटों से कोई उम्मीदवार हारता है। उस समय उसे वोट की कीमत मालूम होती है।

झारखंड में कई बार काफी कम वोटों से प्रत्याशी जीतते-हारते रहे हैं। नाम सीट हार का अंतर रामजी लाल सारडा हटिया 25 संजय यादव हुसैनाबाद 35 विदेश सिंह पांकी 37 सुखराम उरांव चक्रधरपुर 292 मसीह चरण मुंडा खूंटी 437 प्रकाश राम लातेहार 438 सुखदेव भगत लोहरदगा 606 राजकुमार सिन्हा धनबाद 890 सबा अहमद टुंडी 918 मैं अपने वोट की कीमत जानता हूं इसलिए 18 साल के बाद से अब तक लगातार वोट डाल रहा हूं। जो लोग वोट नहीं देते वह लोकतंत्र की कीमत नहीं जानते।

वोट की कीमत लगाई भी नहीं जा सकती। -एचके गुप्ता सीनियर डीजीएम एचइसी मैंने आज तक अपने वोट की कीमत नहीं लगने दी। हमेशा वोट देता रहा हूं। सोच- समझ कर अपनी नजर में बेहतर उम्मीदवार को वोट देता हूं। लोकतंत्र में मतदान से बडम कोई त्योहार और वोट से बहुमूल्य कुछ भी नहीं है। कहीं भी रहता हूं मैं वोट देने अपने मतदान केंद्र पहुंच जाता हूं। -राजेश कुमार शुक्ल उपाध्यक्ष, झारखंड बार कौंसिल

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  • Web Title:समझना होगा, क्या होती है एक वोट की कीमत