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थमा नहीं गठबंधनों का खेल

कांग्रेस और झामुमो के टूटे गठंबधन के फिर से जुडम्ने के आसार पैदा हो गए है। दोनों दलों के बीच वार्ता का प्लॉट लालू प्रसाद की मध्यस्थता में तैयार हुआ है। गठबंधन बचाने की अंतिम कवायद रविवार को दिल्ली में होगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को खुद मीडिया के सामने स्वीकारा कि लालू प्रसाद और बीके हरिप्रसाद ने उनसे बात की है। बातचीत की पुष्टि कांग्रेस विधायक दल के नेता राजेंद्र सिंह ने भी की है। राजेंद्र सिंह ने कहा कि लालू प्रसाद के बुलावे पर वे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखदेव भगत के साथ मिलने गए थे। ऐसे बनने लगी बात : मुख्यमंत्री की ओर से शुक्रवार को लालू प्रसाद से संपर्क साधकर भाजपा विरोधी वोटों को बिखरने से रोकने का आग्रह किया गया था। साथ ही यह भी संकेत दिया कि कांग्रेस के साथ गठबंधन में वह नरमी बरतने को तैयार हैं। इसके बाद लालू ने कांग्रेस के नेताओं को झामुमो के रुख की जानकारी दी। साथ ही मसले को सुलझाने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने सुखदेव भगत और राजेंद्र सिंह को दोपहर में लालू प्रसाद से मिलने भेजा। लालू ने दोनों नेताओं को जानकारी दी कि झामुमो ट्राइबल सीटों की अपनी मांग को थोडम कम करने को तैयार है। साथ ही संतालपरगना की सीटों को लेकर भी फिर से बातचीत के लिए सहमत है। दोनों नेताओं से लालू का प्रस्ताव सुनने के बाद हरिप्रसाद ने हेमंत सोरेन से संपर्क कर फिर से बातचीत करने के लिए कहा। पहले चरण की सीटों पर नहीं है विवाद : प्रदेश कांग्रेस के सह प्रभारी ताराचंद भगोरा ने कहा कि झामुमो के साथ पहले चरण की सीटों को लेकर उनका कोई विवाद नहीं है। इसलिए उम्मीदावारों की सूची जारी होने के बाद भी कोई फर्क नहीं पडम्ने वाला है। दूसरी ओर झामुमो अपने स्टैंड में नरमी का संकेत दे रहा है। इसलिए गठबंधन की बातचीत का प्लॉट फिर से तैयार हो सकता है। ये हैं विवाद के मुद्दे - ट्राइबल सीट: प्रदेश में आदिवासियों के लिए सुरक्षित सीट 28 है। झामुमो इनमें से 24 की मांग कर रहा है। संथालपरगना: इस इलाके में झामुमो की चार सीटिंग सीटों पर कांग्रेस भी अपना दावा ठोक रही है। कांग्रेस ने 14 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की कांग्रेस ने 14 उम्मीदवारों की पहली सूची शनिवार को जारी कर दी है। इनमें से नौ सीटिंग विधायकों के नाम हैं। आठ कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते थे। पांकी के निर्दलीय विधायक विदेश सिंह को भाजपा में इंट्री नहीं मिलने पर उन्होंने अंतिम वक्त में कांग्रेस का दामन थाम लिया। उन्हें पार्टी ने पांकी से ही उम्मीदवार बनाया है। पूर्व मंत्री ददई दूबे के पुत्र अजय को विश्रामपुर, प्रदेश अध्यक्ष सुखदेव भगत लोहरदगा और पूर्व आईएएस बिनोद किस्पोट्टा गुमला से उम्मीदवार होंगे। कांग्रेस ने पहले चरण की 13 विधानसभा सीटों में से 9 पर उम्मीदवार उतार दिए हैं। तीन सीट राजद और एक सीट जदयू के लिए छोड दिया है।

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