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झारखंड के आठ जिले पुलिस नियंत्रण में नहीं, स्थिति गंभीर!

केंद्रीय गृह मंत्रलय की नजर में झारखंड के आठ जिलों पर पुलिस की मजबूत पकड़ नहीं है। ये जिले हैं हजारीबाग, गिरिडीह, गुमला, खूंटी, लातेहार, पलामू, बोकारो और चाईबासा। राज्य में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है, ऐसे में सुरक्षा के लिहाज से यह स्थिति गंभीर है।


केंद्रीय गृह मंत्रलय ने इन जिलों में तैनात पुलिस अफसरों और सीआरपीएफ के जवानों की प्रतिनियुक्ति की रिपोर्ट मांगी थी। सबसे पहले सितंबर माह के संबंध में राज्य सरकार को एक पत्र मिला। अक्तूबर माह में इसका जवाब मांगा गया। अक्तूबर गुजर जाने के बाद भी सरकार की ओर से इस संबंध में कोई जवाब केंद्रीय गृह मंत्रलय को नहीं भेजा गया।

पुलिस रिकॉर्ड में नक्सली घटनाओं में कमी: केंद्रीय गृह मंत्रलय भले ही झारखंड के आठ जिलों में नक्सली घटनाओं में वृद्धि बता रहा हो पर राज्य सरकार उसके इस आंकड़े को सही नहीं मान रही। प्रदेश के गृह मंत्रलय के पास जो सूची है उसके अनुसार वर्ष 2012, 13 की अपेक्षा वर्ष 14 में नक्सली घटनाओं में भारी कमी हुई है। 12 में एमसीसीआइ ने 124, 13 में 99 और 14 में 70 घटनाओं को अंजाम दिया था। वर्ष 2012 में सभी नक्सली संगठनों को मिलाने पर 275 मामले दर्ज हुए थे। वर्ष 13 में 277 मामले दर्ज किए गए। इस वर्ष14 में सिर्फ165 घटनाओं को ही नक्सलियों ने अंजाम दिए हैं।


क्या लिखा है पत्र में..

केंद्रीय गृह मंत्रलय के नक्सल विभाग के निदेशक दीपक कुमार केडिया ने जो पत्र भेजा है, उसमें कहा गया है कि उग्रवादग्रस्त राज्यों के 22 जिले चिन्हित किए गए। इसमें 8 जिले ऐसे हैं, जो झारखंड में हैं। इन जिलों में उग्रवादी गतिविधियों में भारी इजाफा हुआ है।

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