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टोफेल एग्जाम की तैयारी

टोफेल एग्जाम की तैयारी

फेल या टी. ओ.ई.एफ. एल. से मतलब है टेस्ट ऑफ इंग्लिश एज फॉरन लैंग्वेज। इस टेस्ट में वे छात्र बैठते हैं, जिनकी मातृभाषा/मुख्य भाषा इंग्लिश नहीं होती और जो इंग्लिश माध्यम से पढ़ाई उपलब्ध करवाने वाले देशों में स्टडी करने के इच्छुक हैं। इस टेस्ट के स्कोर कार्ड को अंतर्राष्ट्रीय शैक्षिक संस्थानों में एक तरह से मानक की तरह स्वीकार किया जाता है, जिससे कैंडिडेट के अंग्रेजी ज्ञान की परख होती है। ऐसा नहीं है कि इसमें  सिर्फ पास होने भर से काम चल जाता है, बल्कि एक खास कट ऑफ परसेंटेज से अधिक माक्र्स को ही स्वीकार्य माना जाता है, अन्यथा यूनिवर्सिटीज द्वारा आवेदन पर विचार नहीं किया जाता। असल में विदेशी शैक्षिक संस्थानों में आवेदन प्रक्रिया के समय ही यह स्कोर कार्ड भी संलग्न करने की जरूरत पड़ती है। इसलिए युवाओं को समय रहते तैयारी करते हुए इस टेस्ट में अच्छे मार्क्स लाने का प्रयास करना चाहिए। इस टेस्ट की उपयोगिता को समझने के लिए यह बताना काफी होगा कि अब तक लगभग 3 करोड़ से ज्यादा कैंडिडेट्स यह टेस्ट दे चुके हैं।

टोफेल स्कोर कार्ड के मायने
विश्वास नहीं होगा, पर यह सच है कि 130 देशों की 900 से ज्यादा अंतर्राष्ट्रीय स्तर की यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों में टोफेल के स्कोर को स्वीकार किया जाता है। इस टेस्ट में कैंडिडेट की इंग्लिश भाषा बोलने, समझने, लिखने और सुन पाने की योग्यता की जांच की जाती है। इसे एक प्रकार से अंग्रेजी लैंग्वेज का एकेडेमिक टेस्ट भी कहा जा सकता है।

इस टेस्ट की बाकायदा रिकॉर्डिंग की जाती है तथा इसे कई एक्सपर्ट्स द्वारा जांचा जाता है। उसके बाद ही फाइनल मार्क्स दिए जाते हैं। शायद यही कारण है कि इस टेस्ट की विश्वसनीयता को संदेह से परे माना जाता है और दुनिया भर के शैक्षिक संस्थानों में स्वीकार किया जाता है। इतना ही नहीं, इसमें अंग्रेजी सुधार के लिए टिप्स भी दिए जाते हैं।

टोफेल टेस्ट
वर्ष में कई बार इस टेस्ट का आयोजन विश्वव्यापी तौर पर किया जाता है। इंटरनेट के माध्यम से आयोजित किये जाने वाले इस एग्जाम के चार खंड होते हैं, जिनके जरिये प्रत्याशी के इंग्लिश बोलने, समझने, सुनने और लिखने की क्षमता का मूल्यांकन किया जाता है। टेस्ट के दौरान पढ़ने, सुनने और बोल कर उत्तर देने को कहा जाता है। लगभग चार से साढ़े चार घंटे की अवधि के इस टेस्ट के विभिन्न खण्डों के लिए समय सीमा क्रमश: पढ़ने पर आधारित खंड हेतु 60-70 मिनट (36 से 56 प्रश्न), सुनने पर आधारित खंड हेतु 60 से 90 मिनट (34-51 प्रश्न), बोलने पर आधारित खंड हेतु 20 मिनट (6 टास्क) तथा लिखने पर आधारित खंड हेतु 50 मिनट (2 टास्क) होती है। यह समस्त टेस्ट कंप्यूटर पर ही देने की बाध्यता होती है,  इसलिए थोड़ी प्रैक्टिस करके जाना चाहिए।

संपर्क और आवेदन
इसके बारे में समस्त जानकारियां और आवेदन हेतु वेबसाइट www.ets.org देख सकते हैं। भारत में आधिकारिक रीजनल टेस्टिंग सेंटर का पता है- प्रोमेट्रिक, सेकेंड फ्लोर, डीएलएफ इनफिनिटी टावर, सेक्टर 25, फेस-2 डीएलएफ सिटी, गुडम्गांव, हरियाणा। अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट www.prometric.com/cntact—us  पर विजिट कर सकते हैं।  इस टेस्ट की फीस विभिन्न देशों की करेंसियों की वैल्यू के अनुसार 160 अमरीकी डॉलर से लेकर 250 अमरीकी डॉलर तक हो सकती है।

कैसे करें तैयारी
तैयारी के लिए मार्केट में तमाम टोफेल प्रिपरेशन गाइड्स उपलब्ध हैं, जिनके आधार पर टाइम टेबल बना कर इस टेस्ट की नियमित तैयारी की जा सकती है। यही नहीं, इंटरनेट पर इस टेस्ट के सैम्पल पेपर्स भी देखे जा सकते हैं।

स्पीकिंग सेक्शन-हो सके तो किसी अच्छे इंग्लिश टीचर की मदद लें अथवा किसी दोस्त के साथ इंग्लिश स्पीकिंग की प्रैक्टिस करें। विभिन्न वेबसाइट्स पर उपलब्ध एक्सपर्ट्स के टॉक्स/लेक्चर्स को ध्यानपूर्वक सुनें। ट्रैवलिंग, एन्वायर्नमेंट, हॉबीज स्पोर्ट्स जैसे कुछ टॉपिक्स की लिस्ट बना कर उन पर इंग्लिश में बोलने की प्रैक्िटस करें। इसी क्रम में अखबार में छपी किसी पिक्चर को देख कर बोलना, अथवा कल क्या करना है, उसके बारे में बोलना आदि जैसे अभ्यास कारगर हो सकते हैं। बेशक अपनी बात को रिकॉर्ड कर दोबारा खुद ही सुनें और गलतियों को समझ कर अगली बार सुधारें।

रीडिंग सेक्शन-इसके लिए आप जितना अधिक और विविधतापूर्ण विषयों को पढेंगे, उतनी ही अच्छी तैयारी होगी। रीडिंग में सही उच्चारण, दो शब्दों अथवा वाक्यों के बीच गैप देना आदि महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखें। इसके अलावा रीडिंग स्पीड को भी बढ़ाने पर ध्यान लगायें। इस सन्दर्भ में पढ़ते हुए समझना भी जरूरी है, क्योंकि इसी पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं।

लिसनिंग सेक्शन- आप इंग्लिश मूवीज, टेलिविजन शो, न्यूज तथा अन्य प्रकार के इंग्लिश प्रोग्राम देखने की आदत डालें। ध्यानपूर्वक सुनेंगे तो समझने में दिक्कत नहीं होगी। हालांकि टोफेल का फॉर्म भरते समय मिलने वाले अन्य प्रिपरेशन मैटीरियल से भी आपको इसमें मदद मिलेगी।
राइटिंग सेक्शन-किसी पैसेज को पढ़ें और फिर स्वयं अपनी भाषा में लिखने का अभ्यास करें। लिखने के बाद चेक करें कि आपने क्या छोड़ा या क्या गलत लिखा। इसी क्रम को दोहराएं। 

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