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दिल्ली: सरकार गठन को लेकर आज राज्यपाल ने बुलाई सभी दलों की बैठक

दिल्ली: सरकार गठन को लेकर आज राज्यपाल ने बुलाई सभी दलों की बैठक

राष्ट्रीय राजधानी में आठ महीने से चली आ रही राजनीतिक अनिश्चितता को समाप्त करने के बारे में शीघ्र ही अंतिम फैसला करने की प्रक्रिया के तहत दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग ने भाजपा, कांग्रेस और आप के नेताओं को आज बातचीत के लिए आमंत्रित किया।

उपराज्यपाल कार्यालय के सूत्रों ने कहा कि इन तीन राजनीतिक दलों के विचारों के आधार पर राजनीतिक स्थिति पर जल्द ही अंतिम फैसला किये जाने की संभावना है। जंग ने बातचीत के लिए पहले भाजपा को आमंत्रित किया कि क्या विधानसभा में सबसे बड़े दल के रूप में वह सरकार बनाने को इच्छुक है।

भाजपा के सूत्रों ने कहा कि पार्टी में प्रमुख तौर पर यह राय है कि उसे चुनाव में जाना चाहिए और जोड़तोड़ से सत्ता हासिल नहीं करनी चाहिए क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता अभी भी काफी ज्यादा है और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में जीत के बाद पार्टी कार्यकतओं के बीच उत्साह काफी बढा हुआ है।

दिल्ली भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि हम चुनाव को तरजीह दे रहे हैं। पार्टी द्वारा दिल्ली में सरकार बनाने की बहुत कम संभावना है। उन्होंने साथ ही कहा कि इस मुद्दे पर अंतिम फैसला पार्टी नेतत्व द्वारा एक दो दिन में किया जायेगा। इससे पहले दिल्ली प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय और केन्द्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने जंग से मुलाकात की। पार्टी द्वारा इस मुलाकात को अनौपचारिक बताया गया है।

उपराज्यपाल ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को भी सरकार गठन की संभावना तलाशने पर बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। यद्यपि ये दोनों दल नये सिरे से चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं। इनका कहना है कि वे फिर से चुनाव के लिए तैयार हैं और भाजपा पर आरोप लगाया कि वह हार के डर से चुनाव से भाग रही है।

दिल्ली में सरकार गठन के बारे में फैसला करने में विलंब के लिए उच्चतम न्यायालय द्वारा फटकार लगाये जाने के बाद उप-राज्यपाल ने राजनीतिक दलों के साथ विचार विमर्श शुरू करने का गत सप्ताह निर्णय किया था। इससे पहले चुनाव आयोग ने दिल्ली विधानसभा की तीन सीटों पर 25 नवम्बर को उप चुनाव कराने की घोषणा की थी। तीन भाजपा विधायकों के लोकसभा के लिए चुन लिये जाने के कारण इन तीनों सीटों पर उपचुनाव कराये जा रहे हैं।

भाजपा विधायक डॉक्टर हर्षवर्धन, रमेश बिधूड़ी और परवेश वर्मा के लोकसभा के लिए चुन लिये जाने के बाद 70 सदस्यीय विधानसभा की तीन सीटें रिक्त हो गयी थीं। आम आदमी पार्टी सरकार के इस्तीफा देने के बाद 17 फरवरी से दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लागू है। केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते हुए विधानसभा भंग करने की सिफारिश की थी, लेकिन जंग ने ऐसा नहीं करते हुए विधानसभा को निलंबित रखा।

दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए पिछले साल दिसंबर में हुये चुनाव में भाजपा 31 सदस्यों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी और उसे अकाली दल के एक सदस्य का समर्थन प्राप्त था। तब बहुमत से चार सीटें कम होने के कारण भाजपा ने सरकार बनाने से इंकार कर दिया था। इसके बाद 28 सदस्यों वाली आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के आठ सदस्यों के समर्थन से सरकार का गठन किया था। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप सरकार ने 14 फरवरी को उस समय इस्तीफा दे दिया जब भाजपा और कांग्रेस के विरोध के कारण जन लोकपाल विधेयक पारित नहीं हो सका।

अगर भाजपा सरकार बनाने का फैसला करती है तो उसे बहुमत साबित करने के लिए पांच और विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। फिलहाल विधानसभा में सहयोगी अकाली दल के एक सदस्य सहित भाजपा के 29 विधायक हैं।

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