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ऋषिकेश में इबोला की संदिग्ध निगरानी में

ऋषिकेश में इबोला की संदिग्ध निगरानी में

न्यूयार्क के एक अस्पताल में लैब टैक्नीशियन के पद पर कार्यरत एक महिला दिल्ली एयरपोर्ट पर बिना इबोला जांच के ही ऋषिकेश पहुंच गई। बाद में अमेरिका से मिली जानकारी के आधार पर इबोला की संदिग्ध मरीज मानकर स्वास्थ्य ने महिला को निगरानी में ले लिया है।

प्रारंभिक जांच के बाद राज्य के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल महिला में इबोला पीड़ित होने के लक्षण नहीं मिले हैं। ऋषिकेश निवासी इस 30 वर्षीय महिला के यहां पहुंचने की जानकारी भारत सरकार को अमेरिकी सरकार से मिली। इसके बाद केंद्र सरकार ने शनिवार को प्रदेश सरकार को महिला को अंडर ऑब्जर्वेशन लेने को कहा। महिला के बिना जांच के ही ऋषिकेश तक पहुंच जाने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

21 दिनों तक होगी निगरानी
महिला को अब 21 दिन तक निगरानी में रखा जाएगा। प्रभारी डिप्टी सीएमओ डॉ. एसएस कंडारी ने बताया कि टीम ने महिला की कांट्रेक्ट ट्रेसिंग की है और 21 दिन तक निगरानी में रखा जाएगा।

बुखार नहीं था इसलिए नहीं हुई जांच
वहीं केंद्र सरकार के सूत्रों का तर्क है कि चूंकि महिला को बुखार नहीं था इसलिए एयरपोर्ट पर उसकी जांच नहीं की गई। विदेश से आने वाले उन सभी लोगों के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है जो संक्रमित देश से आए हैं या फिर संक्रमित व्यक्तियों से किसी प्रकार संपर्क में रहे हैं।

ऐसे हैं इंतजाम
- यदि कोई नागरिक इबोला प्रभावित देशों से भारत आता है तो उसे हवाई जहाज में फार्म भरना होता है जिसमें उसे अपना पता, विदेश में रहने की अवधि, कहां काम करता है, आदि ब्यौरा भरना होता है।
- एयरपोर्ट पर उन्हीं लोगों को रोका जाता है जो बुखार से ग्रस्त होते हैं, उनकी जांच के बाद उन्हें सीधे अस्पताल भेजा जाता है तथा इबोला की टेस्टिंग की जाती है।
- बाकी लोगों का ब्यौरा इंटीग्रेटिड डिजीज सर्विलांस केग (आईडीएसटी) पर डाला जाता है। यह सिस्टम केंद्र एवं राज्यों के बीच बना है।

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