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तेंदुलकर की आत्मकथा की बिक्री से एनजीओ की होगी मदद

तेंदुलकर की आत्मकथा की बिक्री से एनजीओ की होगी मदद

महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की आत्मकथा प्लेइंग इट माई वे की बिक्री से मुंबई के एनजीओ अपनालय की मदद होगी क्योंकि इस किताब की बिक्री का एक हिस्सा बच्चों में कुपोषण के खिलाफ लड़ रही इस संस्था को दिया जाएगा।

अपनालय ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि सचिन ने प्रतिबद्धता जताई है कि उनकी आत्मकथा की बिक्री का एक हिस्सा अपनालय को बच्चों में कुपोषण के खिलाफ लड़ाई लड़ने और स्वच्छ जल मुहैया कराने के लिए दिया जाएगा। आत्मकथा का विमोचन छह नवंबर को होगा।

तेंदुलकर पिछले दो दशक से अपनालय को सहयोग दे रहे हैं और उन्होंने किताब की बिक्री से कम से कम 25 लाख रूपये संस्था को देने की प्रतिबद्धता जताई है। वर्ष 1973 में स्थापित अपनालय मुंबई में पांच स्लम में काम करती है और उसका ध्यान वहां जीवन के स्तर में सुधार करना है।

तेंदुलकर के इस समर्थन पर अपनालय बोर्ड की सचिव डॉ अपर्णा संथानम ने कहा कि सचिन लंबे समय से हमारे मूक समर्थक रहे हैं और अपनालय में हम सभी उनके शुक्रगुजार हैं कि उन्होंने हमें अपनी आत्मकथा का हिस्सा बनाया। इस योगदान से हमें बच्चों में कुपोषण और पीने का स्वच्छ जल मुहैया कराने के अपने प्रयासों में मदद मिलेगी।

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