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गोवा: औसतन चार बच्चे रोज होते हैं शोषण का शिकार

गोवा: औसतन चार बच्चे रोज होते हैं शोषण का शिकार

गोवा में हर दिन लगभग चार बच्चे शोषण का शिकार होते हैं। राज्य में बच्चों के शोषण के विरूद्ध काम कर रही एक स्वायत्तसंस्था इल शद्दाई चैरिटेबल ट्रस्ट के सह संस्थापक मैथ्यू कुरियन ने बताया कि पिछले दो वर्ष में 200 से अधिक बच्चों को कलन्गुट और बागा बीच के इलाकों से छुड़ाया गया जिन्हें भीख मांगने के लिये लगाया गया था।
       
वूमन्स वर्ड सम्मिट फांउण्डेशन (डब्ल्यूडब्ल्यूएसएफ) के साथ काम करने वाले इस ट्रस्ट ने बच्चों के शोषण के खिलाफ गोवा में 19 दिनों का कार्यक्रम शुरू किया है। कार्यक्रम के तहत गांवों में फुटबॉल मैच, रैलियों, नुक्कड़ नाटकों, स्कूल, कॉलेजों के माध्यम से जारूकता अभियान चलाये जायेंगे।
       
कुरियन ने कहा कि सड़कों में भीख मांगते बच्चों को पढ़ाई के लिये स्कूल में होना चाहिए और समाज को इस बात को समझना होगा। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चे सड़कों,  होटलों से लेकर घरों तक में काम करते हैं और इस समस्या को हल करने का सबसे अच्छा तरीका समाज में इसके प्रति जारूकता लाना है। ऐसे बच्चों के प्रति सहानुभूति व्यवहार रखें जाये और उन्हें अच्छे स्कूल में दाखिला देना चाहिए ताकि उन्हें अच्छी नौकरियां मिल सकें।

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