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विधायकी खत्म करने का फैसला गलत

पार्टी के चार विधायकों की विधायकी खत्म करने के फैसले पर जिले के जदयू विधायकों ने रोष जताया है। विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को असंवैधानिक बताया। फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने का स्वागत करते हुए विधायकों ने हरसंभव मदद करने का वादा किया है। दूसरी ओर शनिवार को आये उक्त फैसले के बाद अब जिले की सियासत भी गरमा गयी है। मुजफ्फरपुर से जदयू के चार बागी विधायकों के खिलाफ भी कार्रवाई को लेकर कयास लग रहे हैं। जिले के चार जदयू विधायकों के मामले में विधानसभा अध्यक्ष 22 नवंबर को अंतिम सुनवाई करने वाले हैं।

मालूम हो कि इसी साल पार्टी के खिलाफ राज्यसभा चुनाव में जदयू के 18 विधायकों ने मतदान किया था। विरोध में मतदान करने वालों में जिले के जदयू विघायक अजीत कुमार, दिनेश प्रसाद, राजू कुमार सिंह व सुरेश चंचल भी शामिल थे। विधायक सुरेश चंचल, अजीत कुमार व दिनेश प्रसाद ने फैसले को असंवैधानिक व अमर्यादित बताया है। विधायकों ने कहा कि सदस्यता के साथ-साथ मिलने वाली समस्त सुविधाओं को खत्म करना दुर्भाग्यपूर्ण है। विधायकों ने भरोसा जताया कि विस अध्यक्ष का फैसला उच्च न्यायालय में नहीं टिकेगा। अपने खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर तीनों विधायकों का जबाव था कि 22 नवंबर को सुनवाई होनी है।

 

 

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