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लोग श्रमदान कर बदल रहे सेक्टर की सूरत

सेक्टर 22 ए के निवासी सेक्टर की सूरत बदलने के लिए बेहतर प्रयास कर रहे हैं। सोशल मीडिया वाट्सअप पर ग्रुप बनाकर सेक्टरवासी सफाई,बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी दिक्कतों के समाधान के लिए काम कर रहे हैं। तीन माह पहले सेक्टरवासियों ने ‘क्लीन ग्रीन सेक्टर 22ए’ ग्रुप बनाकर रोजाना एक घंटे का श्रमदान कर रहे हैं। इस ग्रुप में 50 लोग शामिल हैं जो आपस में समय बांटकर काम करते हैं। दो अक्तूबर से स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत के बाद यह ग्रुप सेक्टर में सफाई अभियान में जुट गया है।

इस ग्रुप की शुरुआत करने वाले राजेश मलिक ने बताया कि इस ग्रुप की शुरुआत के पीछे सोच थी कि केवल शिकायत की बजाय कुछ रचनात्मक कार्य को बढ़ावा दिया जाए। यह ग्रुप सेक्टर के अन्य लोगों को सफाई को लेकर जागरुक भी कर रहा है। ग्रुप ने फिलहाल सेक्टर की मुख्य मार्केट के पास सफाई अभियान चलाया है। ग्रुप में 15 से ज्यादा महिलाएं भी सक्रिय हैं। रोज अलग-अलग क्षेत्रों में काम के लिए ये ग्रुप एक लीडर तय करता है,जो आपस में सामंजस्य बिठाने का काम करता है। ग्रुप के लोग आपस में चंदा जुटाकर सीवर के ढक्कनों को लगाने,गड्ढे भरने,डस्टबिनों को लगाने का भी काम कर रहे हैं। ग्रुप की सदस्य डॉ प्रेरणा गुप्ता ने बताया कि सेक्टर के कई लोग इस काम में आगे आ रहे हैं लेकिन वाट्सअप पर 50 से ज्यादा का ग्रुप नहीं बन सकने के कारण सोशल मीडिया के अन्य माध्यमों से उन्हें जोड़ेंगे। अतरचंद यादव,अरुणा मलिक,डॉ हिमांशु गर्ग,डॉ रवि शर्मा,डॉ सुषमा अहलवात,नीलम सेठ,अशोक चौहान,नरेंद्र नरवाल,प्रियंका कक्कड़,वजीर शर्मा आदि लोग इस ग्रुप में शामिल हैं।  
स्वच्छता अभियान पर कर रहे जागरुक
क्लीन ग्रीन ग्रुप सेक्टर में स्वच्छ भारत अभियान के तहत पूरे नवंबर माह में केवल सफाई का काम करेगा। सदस्य इंद्रजीत ग्रेवाल कहते हैं कि सेक्टर में गंदगी एक मुख्य समस्या है। सेक्टर में डस्टबिनों की संख्या भी कम है जिससे सफाई अभियान में दिक्कतें आती हैं। लोगों को कूड़ा उठाने के बाद डस्टबिन ही नहीं मिलते। यह ग्रुप आरडब्ल्यूए के साथ मिलकर हुडा और नगर निगम के अधिकारियों के पास समस्याएं लेकर भी जाता है और समाधान के लिए दबाव समूह के रूप में काम कर रहा है।

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