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सोनपुर मेला: सैलानियों के लिए बनेंगे 20 सफारी कॉटेज

हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेले के पर्यटन ग्राम में इस बार स्विस कॉटेज नहीं दिखेंगे। उनकी जगह पर इस बार सफारी टेंट लगाए जाएंगे। कई वर्षों से पर्यटन ग्राम में स्विस कॉटेज बनने की परंपरा इस बार टूट गई है। मेले में आने वाले विदेशी और देसी सैलानी स्विस कॉटेज की जगह पर सफारी कॉटेज का लुत्फ उठाएंगे। मोटे कपड़े के बने ये सफारी कॉटेज मात्र दो दिन में पर्यटनग्राम में तैयार हो जाएंगे। इसके लिए पर्यटन विभाग तैयारी कर रहा है।
पर्यटन विभाग के डायरेक्टर उमाशंकर प्रसाद ने हिन्दुस्तान को बताया कि इस बार स्विस कॉटेज के निर्माण में देर हो गई है। इसके लिए पहले से ही तैयारी की जाती थी। पर्यटन विभाग इस बार स्विस कॉटेज के बादले सफारी कॉटेज लगाएगा। इस कॉटेज में भी सारी सुविधाएं होंगी। कॉटेज में आधुनिक बाथरूम और गर्म पानी के लिए गीजर लगाए जाएंगे। गुजरात के कच्छ फेस्टिवल और राजस्थान के पुष्कर मेले में सफारी कॉटेज ही बनाए जाते हैं। इनको बनाने और हटाने में समय कम लगता है और देखने में ज्यादा में ज्यादा खूबसूरत लगते हैं।
हालांकि पर्यटनग्राम में पहले जो स्विस कॉटेज बनाए जाते थे उनकी दीवारों पर मधुबनी पेंटिंग के माध्यम से बिहार की कला और संस्कृति को उकेरा जाता था। इस बार देखना होगा कि सफारी कॉटेज पर मधुबनी पेंटिंग लगायी जाती है या नहीं। इस बार पर्यटनग्राम में 20 सफारी कॉटेज लगाने की तैयारी की गई है। कॉटेज की बुकिं ग भी शुरू हो गई है। मेले के उद्घाटन में मात्र चार दिन शेष है। पर्यटन विभाग की योजना चार नवंबर तक सारे सफारी कॉटेजों को तैयार कर देने की है।

शनिवार को सोनपुर मेले के पर्यटनग्राम में गेट की रंगाई-पुताई की जा रही थी। परिसर में जंगल-झाड़ की सफाई भी की जा रही थी।

 

 

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