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विधायकी समाप्त होने के बाद नीतीश को खूब कोसा बागी विधायकों ने

विधानसभा अध्यक्ष के कोर्ट द्वारा विधायकी खत्म किए जाने के बाद ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू, नीरज कुमार बबलू और रवींद्र राय ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जमकर कोसा। चौथे विधायक राहुल कुमार विधानसभा अध्यक्ष की कोर्ट में पहुंचे ही नहीं। वे फिलहाल देश से बाहर हैं।

नक्सल कोर्ट की तरह लिया गया निर्णय
ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष की कोर्ट ने आज जो तुगलकी फैसला सुनाया वह नक्सल कोर्ट में लिए गए फैसले की तरह है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इशारे पर यह फैसला लिया गया है। कानून का कोई सम्मान नहीं हुआ। विधानसभा अध्यक्ष पद की गरिमा का ख्याल नहीं रखा गया और एक आदेशपाल के अंदाज में फैसला सुनाया गया। उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है। इस फैसले के खिलाफ वह कोर्ट की शरण में जाएंगे। यह लोकतंत्र की हत्या का मामला है। जदयू अनुशासन कमेटी के अध्यक्ष के नाते उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव को पत्र लिख नीतीश कुमार को पार्टी से निष्कासित करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि जीतन राम मांझी के नेतृत्व में पार्टी अगला चुनाव लड़े।

नीतीश की सहमति बगैर नहीं हो सकता था फैसला
नीरज बबलू ने कहा कि इस फैसले के मूल में नीतीश कुमार का इशारा है। उनकी सहमति के बगैर यह फैसला नहीं हो सकता था। यह फैसला जदयू को कब्र में ले जा रहा है। इस फैसले के खिलाफ वह न्यायालय में जाएंगे। उनकी बातें नहीं सुनी गयी और मनमाने ढंग से फैसला सुना दिया गया।

मास्टर माइंड हैं नीतीश
रवींद्र राय ने आरोप लगाया कि इस फैसले के मास्टर माइंड पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं। उनके खिलाफ उनका गुस्सा इस बात को लेकर भी था कि हमने दवा घोटाले की बात क्यों की। वैसे विधानसभा अध्यक्ष के कोर्ट का यह फैसला उनके लिए अप्रत्याशित नहीं है। उन्हें यह पता था कि इस तरह का फैसला आएगा।

 

 

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