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तमिलनाडु कांग्रेस में टूट, अन्य राज्यों में भी असंतोष

तमिलनाडु कांग्रेस में टूट, अन्य राज्यों में भी असंतोष

कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में भ्रम के चलते कई राज्यों में पार्टी के प्रदेश क्षत्रप अलग राह चुनने के लिए मौके की तलाश में हैं। माना जा रहा है कि तमिलनाडु में जी के वासन का पार्टी से दूर होना इस दिशा में निर्णायक शुरुआत हो सकता है। सूत्रों ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी इसी तरह के हालात बन रहे हैं। छग में अजीत जोगी खेमा चाहता है कि जोगी को प्रदेश में पार्टी की कमान सौंपी जाए। जोगी भी अपने लोगों का पार्टी में ज्यादा दखल चाहते हैं। लेकिन आलाकमान से मिल रही लगातार उपेक्षा से उनके समर्थकों में निराशा है। फिलहाल जोगी का संपर्क आला नेतृत्व से बना हुआ है। वे जल्द ही कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलकर अपनी बात रखने वाले हैं।

जोगी के करीबी सूत्रों का कहना है कि उनकी नजर पार्टी के रुख पर टिकी है। पार्टी के सदस्यता अभियान के बाद जोगी गुट अपना दावा प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए ठोकेगा। अगर उनकी बात नहीं मानी गई तो वे भी पार्टी से अलग राह चुन सकते हैं। हालांकि जोगी ने इस बात से इंकार किया कि वे अलग पार्टी के बारे में सोच रहे हैं।

केंद्रीय स्तर पर चल रहे उहापोह के बीच उत्तरप्रदेश के नेताओं की भी ला¨बग चल रही है। प्रमोद तिवारी पार्टी का अध्यक्ष बनने के लिए पूरा जोर लगाए हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि तिवारी चाहते हैं कि उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाए या फिर केंद्रीय स्तर पर कोई जिम्मेदारी दी जाए।  रीता बहुगुणा जोशी और बेनी वर्मा गुटों का भी दबाव बना हुआ है। सूत्रों का कहना है कि निर्मल खत्री को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखकर पार्टी अगर आगे बढ़ती है तो अन्य गुटों का विरोध तेज हो सकता है। बिहार में भी पार्टी का असंतोष मुखर हो रहा है। प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ कई नेताओं ने आलाकमान से शिकायत की है।

मध्यप्रदेश के कद्दावर नेता कमलनाथ भी इन दिनों पार्टी में अपनी उपेक्षा को लेकर परेशान बताए जा रहे हैं। हालांकि उन्होंने अभी तक खुलकर मोर्चा नहीं खोला है। उधर राजस्थान में सचिन पायलट को कमान सौंपे जाने के बाद से पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं में अपने भविष्य को लेकर बेचैनी है।

अपनी जगह न बने तो बेटों का जुगाड़
कई नेता पार्टी में अपने बेटों का भविष्य तलाश रहे हैं। नई टीम में बेटों को जगह दिलाने का प्रयास भी हो रहा है। राजस्थान में अशोक गहलौत अपने बेटे वैभव गहलौत को आगे कर रहे हैं। अजीत जोगी भी अपने के लिए जगह न बनने पर अमित जोगी के लिए जगह चाहते हैं। विजय बहुगुणा अपने बेटे साकेत को प्रदेश की राजनीति में युवा नेता के तौर पर स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं। उत्तरप्रदेश में प्रमोद तिवारी अपनी बेटी को विधायक बनवा चुके हैं। वे पिता के नाम प्रदेश की राजनीति में सक्रिय होने का प्रयास कर रही हैं।

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