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पिथौरागढ़ जिले के लिपूलेख र्दे से होता है चीन के साथ व्यापार

इस बार भारत-चीन व्यापार अच्छा होने से व्यापारियों के चेहरे खिले हुए हैं। इस बार दो करोड़ से अधिक का आयात व करीब इतने का ही निर्यात हुआ है। सभी व्यापारी तकलाकोट से घर लौट आए हैं।

इस वर्ष व्यापार के लिए 273 ट्रेड पास जारी हुए थे। इसमें 89 व्यापारी और 184 हेल्पर व्यापार के लिए चीन की तकलाकोट मंडी गए। इस वर्ष 2.12 करोड़ का आयात व 1.91 करोड़ का निर्यात हुआ। यह बीते वर्ष की तुलना में अधिक है। 2013 में कुल 1.81 करोड़ रुपए का आयात व 1.29 करोड़ का निर्यात हुआ था। उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि सभी व्यापारी चीन से लौट आए हैं। कुछ व्यापारी कालापानी में है। जो जल्द धारचूला पहुंच जाएंगे।

भारतीय व्यापारी गुड़, सुर्ती, कम्बल, दन, बर्तन आदि सामान व्यापार के लिए चीन की तकलाकोट मंडी ले जाते हैं। वहां से छिपी, याक की पूंछ, चाइनीज कंबल आदि लाते हैं। भारत-तिब्बत सीमांत व्यापार संघ के अध्यक्ष जीवन सिंह रोंकली ने कहा कि व्यापार अच्छा होने से व्यापारी उत्साहित हैं। तिब्बत में महाकुंभ होने से भी वहां अधिक अन्य देशों से भी व्यापारी पहुंचे। जिससे व्यापार अच्छा रहा। उन्होंने कहा कि सरकार अगर व्यापारियों को और अधिक सुविधा दे तो व्यापार अच्छा हो सकता है। बर्फबारी अधिक होने से इस बार व्यापारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़। बर्फ होने से व्यापारियों को अतिरिक्त धनराशि खर्च करनी पड़ी है।

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