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महेंद्र की हत्या का आरोपी नक्सली ढेर

रीब 13 वर्ष उम्र होगी उसकी। फ्रॉक पहनी हुई थी। हाारीबाग के इचाक थाना क्षेत्र के पौड़ेया गांव की रहनेवाली है। गांव के स्कूल की पांचवी कक्षा में पढ़ती थी। नाम है कांति हेंब्रम। भाकपा माले विधायक कामरड महेंद्र सिंह की हत्या क ेआरोपी उग्रवादी अजरुन को पुलिस ने 31 मई को आधी रात के वक्त मार गिराया है।ड्ढr अजरुन यादव उर्फ विजय यादव उर्फ डॉ विजय पर सीबीआइ ने पांच लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी। मुठभेड़ में उसके साथ सबजोनल कमांडर जोधा साव उर्फ नीतीश, विजय और एक महिला उग्रवादी रश्मि भी मार गये हैं। घटना 31 मई की रात लगभग 10.30 बजे विष्णुगढ़ क्षेत्र के चुंदरमांडू पांतीतिरी गांव के निकट एक टीले पर घटी। घटनास्थल से पुलिस ने एक रायफल, एक देसी बंदूक, एक प्वाइंट 38 सिक्सर, एक देसी पिस्तौल और 48 कारतूस बरामद किया है।ड्ढr इसके अलावा एक बीस किलो का केन बम, पांच पिट्ठू, कपड़े, बैटरी, दो तीर कमान, दो कुल्हाड़ी तथा एक डायरी भी बरामद करने में पुलिस को कामयाबी मिली है। दरअसल दुर्नाम उग्रवादी अजरुन को बरकटठा पुलिस ने 31 मई को दबोचा था। पुलिस गिरफ्त में आने के बाद उससे मिली जानकारी से पुलिस को यह सफलता मिली। उसने बताया था कि नीतीश और उसका दस्ता चुंदरमांडू के निकट एक टीले पर 31 की रात जुट रहा है। वहां बीड़ी पत्ता के ठेकेदारों से लेवी वसूली जानी है। इसके बाद एसपी प्रवीण कुमार ने पुलिस की तीन टीम बनायी। एक को स्ट्राइकर, दूसर को स्टॉपर और तीसर को कुछ दूरी पर इन्हें मदद पहुंचाने के लिए रहना था। एसपी ने बताया कि स्ट्राइकर टीम सीधे उग्रवादियों की हो रही बैठक में पहुंची। उनके साथ पहले से गिरफ्तार उग्रवादी डॉ. विजय भी था। नजदीक पहुंचने के साथ गोलीबारी शुरू हो गयी। इसमें चार उग्रवादी वहीं ढेर हो गये।ड्ढr नीतीश के दस्ते में लगभग 25 उग्रवादी थे। अन्य भागने में सफल रहे। मौके से कांति हेंब्रम नामक एक लड़की को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।ड्ढr माले विधायक महेन्द्र सिंह को गोलियों से उड़ाने के पीछे अजरुन का ही ब्रेन था। उग्रवादियों के साथ मुठभेड़ में मार गये नक्सली अजरुन पर सरकार ने पांच लाख का इनाम रखा था। 16 जनवरी 2005 को सरिया के दुर्गीधवैया नामक स्थान पर बगोदर के विधाये महेंद्र सिंह की हत्या कर दी गयी थी। हत्यार बाइक पर आये और चुनावी सभा में बोल रहे महेन्द्र सिंह को गोलियों से छलनी कर चलते बने। इस घटना को लेकर पुलिस अवर निरीक्षक रामजतन बैठा के बयान पर बगोदर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। महेंद्र की पत्नी शांति देवी ने इस मामले में दर्ज मामले में तत्कालीन एसपी दीपक वर्मा और विधायक रवींद्र राय को आरोपित किया था। सीबीआइ ने भी इस घटना में अजरुन की संलिप्तता पायी। ‘ग’ से गोली बोलती है कांतिस उम्र में बच्चे खाकी वर्दी देखकर ही रोने लगते हैं। अकेले होने पर भी रोते हैं। जंगल में तो कतई नहीं रह सकते। लेकिन कांति को जंगल भा गया था। बंदूक उसके खिलौने बने। वह ग से गमला के बजाये गोली पढ़ना सीख गयी थी। शूट, फायर, अटैक और पोजिशन जसेशब्दों का उपयोग करती है। अब वह हाारीबाग पुलिस के कब्जे में है। कांति हेंब्रम को दो माह पहले नीतीश उर्फ जोधा साव नामक सब जोनल कमांडर घर से घसीट कर ले गया था। बच्ची का कहना है कि जब उसके पिता भुनेश्वर हेंब्रम और मां नेविरोध किया तो नक्सलियों ने बंदूक तान दी और चुप रहने को कहा था। कांति रोती रही,लेकिन नक्सली मानने को तैयार नहीं थे। विष्णुगढ़ के सुंदर मांडू गांव में मुठभेड़ के बाद पुलिस ने कोंति को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह नारी मुक्ित संघ के लिए काम करती है।

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  • Web Title: महेंद्र की हत्या का आरोपी नक्सली ढेर