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प्रॉबलम क्या है

बच्चो, आज हम क्लास मं बालू विमर्श करंग। कंद्रीय परिवहन मंत्री बालूजी न जा किया है, उस पर चिंतन करंग। बालूजी न अपन बट की कंपनी का मदद की, इस राजनीति मं किस तरह स दखा जाना चाहिए- मैंन राजनीतिशास्त्र की क्लास मं पूछा। भला आदमी अपन बट की मदद नहीं करगा, ता क्या करगा। वा ता टीवी सीरियलां मं हाता है कि एक बंद की तीन शादियां आफिशियल हाती हैं, फिर पांच शादियां अनआफिशियल हाती हैं। आठ अनआफिशियल बच्चों की मदद सीरियल का हीरा करता है। नताआं का चरित्र सीरियल वालां जैसा नहीं हाता। वह अपन बटां की ही मदद करता है। प्रॉबलम क्या है? -छात्र न बताया। क्या मंत्री का अपन बट की मदद करनी चाहिए? -मैंन पूछा।ड्ढr सिर्फ बट की नहीं, जंडर इक्वलिटी का मामला है, बटी की मदद भी करनी चाहिए। दामाद की मदद भी करनी चाहिए। एनडीए सरकार मं पट्राल पंप बंट थ, ता बटी, दामाद सबकी कयर की गयी थी। बालूजी न हा सकता है कि अभी सिर्फ बट की मदद की हा। पर हमं निराश नहीं हाना चाहिए। आग और भी संभावनाएं हैं। -छात्र न आश्वस्त किया।ड्ढr आफ्फा, मुद्दा यह है कि मंत्री का आम आदमी की मदद करनी चाहिए- मैंन फिर समझाया।ड्ढr बालूजी न बट की कंपनी की मदद की। अब आम आदमी की कंपनी कहां हाती है। वह ता आलू-प्याज क भावां मं उलझता रहता है। अब कंपनी नहीं है, ता फिर कैस मदद करंग। वैस आम आदमी क आलू-आट क बार मं साचन का जिम्मा खती किसानी क मंत्री शरद पवारजी का है। पर वह इधर आईपीएल मं बिजी हैं। आट वगैरह पर ध्यान कम द पा रह हैं। पर बालूजी कर्मठ मंत्री हैं। अपना काम किय जा रह हैं। जहां मदद करनी है, वहां कर रह हैं। -छात्र न एक्सप्लन किया।ड्ढr तुम बहुत अगड़म-बगड़म तर्क द रह हा। मंत्रियां का आम आदमी पर ध्यान दना चाहिए- मैंन नाराज हाकर कहा।ड्ढr अब पवार साहब भी अपन हिसाब स कर ही रह हैं। आईपीएल क डांस दखकर भी अगर आपका आट, आलू की याद आती है, ता सर आपका सौंदर्य बाध गड़बड़ है। आलू बाध का डांस बाध मं बदलिय ना। बालूजी पर काह नाराज हा रह हैं, प्रॉबलम क्या है-छात्र मुझ समझा रहा है। अब मुझ समझ मं आ गया है डांस बाध उन्नत करना चाहिए, बस फिर प्राबलम क्या है।

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  • Web Title: प्रॉबलम क्या है